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IIM नवा रायपुर में 60वीं DGP-IG Conference समाप्त: PM मोदी ने कहा—पुलिसिंग में भरोसा, AI-फोरेंसिक और तकनीक आधारित सिस्टम से बनेगा नया सुरक्षा मॉडल

DGP-IG Conference: IIM नवा रायपुर में आयोजित 60वीं अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस समाप्त हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन देश की सुरक्षा रणनीति को बदलने का प्लेटफॉर्म है।

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Harsh Verma
Raipur DGP-IG Conference

Raipur DGP-IG Conference

DGP-IG Conference: नवा रायपुर। IIM नवा रायपुर में आयोजित 60वीं ऑल इंडिया DGP-IG कॉन्फ्रेंस रविवार को सम्पन्न हो गई। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश की सुरक्षा रणनीति, अपराध नियंत्रण, उभरती चुनौतियों और आधुनिक तकनीकों पर महत्वपूर्ण मंथन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व किया।

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समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस देश की सुरक्षा व्यवस्था (National Security) और पुलिसिंग के लिए एक बदलते युग का संकेत है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पुलिस की भूमिका केवल कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज में भरोसा और विश्वास मजबूत करने की भी जिम्मेदारी बढ़ेगी।

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AI आधारित पुलिसिंग और नई रणनीति

PM मोदी ने कहा कि पुलिसिंग को AI (Artificial Intelligence), फोरेंसिक (Forensic Technology), NATGRID और डेटा-ड्रिवन सिस्टम (Data Driven Policing) से जोड़ा जाएगा। उन्होंने महिलाओं के अपराध नियंत्रण के लिए डायल-112 (Dial 112) की तर्ज पर एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तैयार करने पर जोर दिया।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद, साइबर क्राइम, ड्रग्स स्मगलिंग, महिला अपराध और अंतरराष्ट्रीय भगोड़ों की वापसी पर विशेष रणनीति बनाने की आवश्यकता है।

मॉडल स्टेट और गाइडलाइन तैयार

कॉन्फ्रेंस (Raipur DGP-IG Conference) में उन राज्यों को भी अवसर दिया गया जिन्होंने पहले दिन प्रस्तुतीकरण नहीं किया। पहले और दूसरे सत्र में पुलिसिंग में AI के उपयोग और गाइडलाइन तैयार करने पर विचार हुआ। अंतिम सिफारिशों और राज्यों के इनपुट को जोड़कर एक नई रूपरेखा तैयार की गई। इसी दौरान ‘मॉडल स्टेट (Model State)’ भी चुना गया जिसकी सर्वश्रेष्ठ प्रैक्टिस देशभर में लागू की जाएंगी।

13 घंटे की बैठक और बस्तर 2.0 मॉडल

कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को 13 घंटे तक मैराथन बैठक चली। इस दौरान केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval) और सभी राज्यों के DGP-IG मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम (DGP Arun Dev Gautam) ने ‘बस्तर 2.0’ पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के बाद बस्तर को विकास के मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा।

पुरस्कार और सम्मान

सम्मेलन के दौरान प्रेसिडेंट पुलिस मेडल (President’s Police Medal) और शहरी पुलिस सुधार के लिए विशेष पुरस्कार भी दिए गए। पीएम मोदी ने विभिन्न स्कूलों के करीब 30 छात्रों से मुलाकात की और कैरियर व परीक्षा से जुड़े अनुभव साझा किए।

भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था का विजन

PM मोदी और अमित शाह ने अधिकारियों को आने वाले 21 वर्षों के लिए सुरक्षा और अपराध के नए स्वरूप को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विजन 2047 के तहत देश की पुलिसिंग को एकाउंटेबल, जिम्मेदार और संवेदनशील बनाना होगा।

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