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Durg Ganja Farming Case: दुर्ग में अफीम की अवैध खेती का बड़ा खुलासा, बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार सस्पेंड, 'बच्चे' की फोटो से ऐसे खुला राज

Durg Ganja Farming Case: छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के ग्रामीण इलाके से अवैध अफीम की खेती करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक खेत में फलदार फसलों की आड़ में अफीम के पौधे उगाए हुए थे।

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anjali pandey
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CG Durg Ganja Farming Case: छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के ग्रामीण इलाके से अवैध अफीम की खेती करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक खेत में फलदार फसलों की आड़ में अफीम के पौधे उगाए हुए थे। मामले में बीजेपी ने अपने नेता विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है, जबकि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।

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मक्के और फलों की फसल के बीच छिपी थी अफीम की खेती

जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के समोदा क्षेत्र में करीब 6 से 10 एकड़ जमीन पर यह अवैध खेती की जा रही थी। खेत में केले, पपीते और अन्य फसलों की घनी खेती की जा रही थी, जिससे बाहर से देखने पर यह एक सामान्य खेत जैसा नजर आता था। लेकिन इसी हरियाली के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे, जिनकी कीमत बाजार में लाखों रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद खेत से संदिग्ध पौधों के सैंपल लिए गए। शुरुआती जांच में इन पौधों के अफीम होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। 

बच्चे की फोटो से खुला राज

ग्रामीणों ने बताया कि, होली के दौरान कुछ बच्चे खेत के पास खेल रहे थे। तभी एक बच्चे ने मोबाइल से खेत की तस्वीर खींच ली। बाद में जब उस फोटो को इंटरनेट पर मिलान किया गया, तो पता चला कि तस्वीर में दिखाई दे रहे पौधे अफीम के हो सकते हैं। ऐसे में गांव वालों ने प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

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जमीन के मालिकाना हक की जांच

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जिस जमीन पर यह खेती हो रही थी, उसमें से करीब 10 एकड़ जमीन मधुमति ताम्रकार के नाम की बताई जा रही है, जबकि कुछ जमीन विनय ताम्रकार से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस अब राजस्व रिकॉर्ड खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खेती किसके द्वारा कराई जा रही थी। साथ ही इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

बीजेपी नेता ने आरोपों से किया इनकार

मामले में नाम सामने आने के बाद बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया गया।  उनका कहना है कि उन्होंने जमीन आधी फसल के समझौते पर दी थी और उन्हें अफीम की खेती के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित भी बताया है।

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सियासत हुई तेज

मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मौके पर पहुंचकर खेत का मुआयना किया। आरोप लगाया कि राज्य में नशे के कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने करीब 10 एकड़ में अफीम की खेती होने का दावा करते हुए बड़े रैकेट की आशंका जताई जा रही है।

वहीं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि मामले की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा क्यों न हो।

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जांच में जुटी एजेंसियां

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और नारकोटिक्स से जुड़ी एजेंसियां संयुक्त जांच कर रही हैं। खेत से लिए गए सैंपल की लैब जांच कराई जा रही है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अवैध खेती कितने बड़े स्तर पर की जा रही थी।  इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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