CG Dhan Kharidi 2025: किसानों के लिए बड़ी राहत, एग्रीस्टैक पंजीयन की अंतिम तिथि अब 15 दिसंबर तक बढ़ी

CG Dhan Kharidi 2025 के तहत एग्रीस्टैक पोर्टल में फसल और रकबा पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई है। तकनीकी समस्याओं, खसरा डेटा त्रुटियों और वारिसान पंजीयन की दिक्कतों के समाधान के लिए विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

CG Dhan Kharidi 2025:छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 160 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य, MSP ₹3100 मिलेगी

CG Dhan Kharidi 2025: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में धान खरीदी 2025 (CG Dhan Kharidi 2025) से जुड़े किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने एग्रीस्टैक पोर्टल (Agristack Portal) में रकबा, फसल और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 दिसंबर 2025 कर दिया है। यह फैसला विशेष रूप से उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें तकनीकी समस्याओं (Technical Issues) और पोर्टल लॉगिन की दिक्कतों के कारण पंजीयन पूरा करने में परेशानी आ रही थी।

कलेक्टरों और विभागों को मिले नए दिशा-निर्देश

मंत्रालय महानदी भवन से जारी पत्र के अनुसार, सभी कलेक्टरों, तहसीलदारों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि एग्रीस्टैक और एकीकृत किसान पोर्टल (Integrated Farmer Portal) पर किसानों के पंजीयन में आ रही समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए। समिति लॉगिन सुविधा को बेहतर करते हुए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कैरीफॉरवर्ड किसान, डूबान क्षेत्र के किसान और वन पट्टाधारी कृषक आसानी से पंजीयन पूरा कर सकें।

ये भी पढ़ें:  Railway Group D Bharti: रेलवे ग्रुप D अभ्यर्थियों को नियुक्ति में मिली बड़ी राहत, बिलासपुर हाईकोर्ट ने रेलवे की याचिकाएं की खारिज

कृषि मंत्री ने जताई चिंता 

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने पंजीयन प्रक्रिया में लगातार आ रही शिकायतों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा था कि किसानों को पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों (Technical Glitches) के कारण परेशान न होना पड़े। इसी दिशा में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए, ताकि पंजीयन सुचारू रूप से हो सके।

ये भी पढ़ें:  CG Police Constable Result: छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 अंतिम परिणाम जारी, यहां देखें रिजल्ट

खसरा डेटा और वारिसान पंजीयन में आ रही दिक्कतें

कई जिलों ने बताया कि एकीकृत किसान पोर्टल पर किसानों के खसरों में फसल प्रविष्टि (Crop Entry) दिखाई नहीं दे रही थी। इसके सुधार का विकल्प पोर्टल पर उपलब्ध नहीं था, जिससे पंजीयन अधूरा रह जाता था। इसी तरह, फौत किसानों के वारिसों के पंजीयन में भी बड़ी समस्या सामने आई, क्योंकि वारिसान पंजीयन (Heir Registration) का विकल्प उपलब्ध नहीं था।

इसके अलावा महाल ग्रामों के खसरा डेटा का एग्रीस्टैक पोर्टल पर न दिखना भी बड़ी तकनीकी चुनौती बन गया था। कृषि विभाग ने सभी समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभागों- खाद्य, राजस्व, कृषि संचालनालय और एनआईसी को संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

ये भी पढ़ें:  CG Cold Wave Warning: IMD ने 13 दिसंबर तक गंभीर शीतलहर की चेतावनी जारी की, छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ेगी; लोगों को सतर्क रहने की सलाह

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article