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Bilaspur Train Accident: बिलासपुर में हुए भीषण रेल हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। रेल संरक्षा आयुक्त ब्रजेश कुमार मिश्रा (Brajesh Kumar Mishra) की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआरएम राजमल खोईवाल (DRM Rajmal Khoiwal) और प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव कुमार बरनवाल (Principal Chief Electrical Engineer Rajeev Kumar Barnwal) को उनके पद से हटा दिया गया है।
रेलवे बोर्ड ने 11 दिसंबर को इसका आदेश जारी किया। इन दोनों अधिकारियों को अन्य पदस्थापना स्थलों पर भेज दिया गया है। उनकी जगह वेस्टर्न रेलवे (Western Railway) के अधिकारी उमेश कुमार (Umesh Kumar) को नया डीआरएम नियुक्त किया गया है।
4 नवंबर का हादसा- मेमू ट्रेन मालगाड़ी से भीषण टकराई
यह हादसा 4 नवंबर को तब हुआ, जब गेवरारोड से बिलासपुर जा रही मेमू ट्रेन (MEMU Train) बिलासपुर स्टेशन से करीब 6 किलोमीटर पहले लालखदान (Lalkhadan) में खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि मेमू ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। हादसे में लोको पायलट की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कुल 12 यात्रियों की जान गई और 20 से अधिक यात्री घायल हुए। यह घटना हाल के वर्षों में बिलासपुर रेलवे जोन की सबसे बड़ी दुर्घटनाओं में से एक मानी गई।
CRS रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे
रेल मंत्रालय ने हादसे के बाद मामले की जांच रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) ब्रजेश कुमार मिश्रा को सौंपी थी। 30 पेज की रिपोर्ट में जिन कारणों का उल्लेख किया गया, वे चिंताजनक हैं-
ट्रेन संचालन में गंभीर चूक (Serious Error in Train Operation)
सिग्नल नियमों की अनदेखी (Violation of Signal Rules)
लोको पायलट की गलत निर्णय क्षमता (Poor Decision-Making by Loco Pilot)
रेलवे सिस्टम में तकनीकी खामियां (Technical Flaws in Railway System)
रिपोर्ट में यह स्पष्ट बताया गया कि हादसा किसी तकनीकी फेल्योर के कारण नहीं हुआ, बल्कि मानव-जनित लापरवाही इसका मुख्य कारण थी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, अब और अधिकारी हटाए गए
इस दुर्घटना के बाद यह पहला बड़ा कदम नहीं है। इससे पहले प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी (Subodh Choudhary) और सीनियर DOP मसूद आलम (Masood Alam) को भी पद से हटाया जा चुका था। अब डीआरएम राजमल खोईवाल और राजीव कुमार बरनवाल पर भी कार्रवाई हुई है, जिससे साफ है कि रेलवे इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहा है।
बिलासपुर रेल मंडल में बढ़ी सतर्कता
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए-
सिग्नलिंग सिस्टम की समीक्षा
ऑपरेशन स्टाफ का प्रशिक्षण
लोको पायलट की मनोवैज्ञानिक क्षमता परीक्षण प्रक्रिया (Psychological Tests)
सभी तकनीकी जांच प्रक्रियाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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