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जांजगीर-चांपा में स्कूल की लापरवाही: पानी की व्यवस्था नहीं, बच्चों से भरवाई जा रहीं है बाल्टियां, प्रिन्सिपल पर उठे सवाल, वीडियो वायरल!

(रिपोर्ट: राजेश्वर तिवारी, जांजगीर-चांपा) जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय स्कूल में बच्चों से पानी भरवाने का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है की स्कूल में पानी की व्यवस्था नहीं हैं। जिसके बाद शिक्षा विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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Shantanu Singh
CG School Negligence

CG School Negligence: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा से एक चिंताजनक मामला सामने आ रहा है। जहां अकलतरा ब्लॉक के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भैसतरा सबरिया डेरा का एक वीडियो में  स्कूल के बच्चों से पानी भरवाया जा रहा है। बताया जा रहा है की फिलहाल स्कूल में पानी की व्यवस्था नहीं हैं।

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जिसके कारण से बच्चों को बाल्टी में पानी भरकर लाने और उसे ढोने के लिए कहा गया। ये स्तिथि ना केवल चिंताजनक है, बल्कि व्यवस्थाओं की कमी को भी उजागर करती है। स्कूलों में  मामले में सामने आने  के बाद से ही स्कूल प्राशन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहें हैं। 

cg  school negligence

कॉपी-किताब की जगह हाथों में बाल्टियां

बता दें,वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे पानी से भरी बाल्टियां उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। जिन हाथों में कॉपी और पेन होना चाहिए, उनमें पानी की बाल्टियां नजर आना शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। जिसे देखकर स्थानीय लोग भी हैरान हैं।

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अभिभावकों और ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

घटना सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के समय ऐसे कामों में लगाना गलत है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और स्कूल आने का उत्साह भी कम हो सकता है। कई अभिभावकों ने कहा कि यदि स्कूल में पानी की व्यवस्था नहीं है तो प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए, बच्चों से काम नहीं करवाना चाहिए।

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शिक्षा के अधिकार और बाल अधिकारों पर सवाल

विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों से इस प्रकार का कार्य करवाना शिक्षा के अधिकार अधिनियम और बाल अधिकारों की भावना के खिलाफ माना जा सकता है। साथ ही, स्कूल का वातावरण ऐसा होना चाहिए जहां बच्चे सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में पढ़ाई कर सकें।

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प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी नजरें

वीडियो सामने आने के बाद अब प्रशासन और शिक्षा विभाग की भूमिका पर नजरें टिक गई हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की जांच की जाए और यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

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मूलभूत सुविधाओं की कमी भी बनती है वजह

बता दें ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी अक्सर सामने आती रही है। ऐसे में व्यवस्था के अभाव का भार बच्चों पर डालना समस्या का समाधान नहीं है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

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कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल इस मामले में किसी भी प्रकार की कारवाही नहीं की गई है। हालांकि मामला के सार्वजनिक होने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते हैं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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