Advertisment

जांजगीर-चांपा में 12वीं के छात्र की आत्महत्या से हड़कंप: सुसाइड नोट में शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप, गांव में चक्काजाम

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से सामने आए एक दर्दनाक मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 12वीं कक्षा के छात्र कमलेश जायसवाल ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

author-image
Harsh Verma
cg  (95)

Janjgir Champa Student Suicide: छत्तीसगढ़ के जांजगीर‑चांपा जिले में 12वीं कक्षा के एक छात्र की आत्महत्या की खबर से शोक और आक्रोश का माहौल बन गया है। मृतक छात्र की पहचान कमलेश जायसवाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, कमलेश पढ़ाई में होनहार था और भविष्य को लेकर सपने देख रहा था।

Advertisment

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें छात्र ने अपने स्कूल के प्राचार्य और कुछ शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र ने नोट में स्पष्ट लिखा है कि वह लंबे समय से मानसिक दबाव में था और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें:  एशिया लेजेंड्स कप 2026 में छत्तीसगढ़ का दम: राज्य के तीन दिग्गज खिलाड़ियों का चयन, थाईलैंड में होगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता

न्यूवोको सीमेंट प्लांट संचालित स्कूल में पढ़ता था छात्र

जानकारी के अनुसार, कमलेश जायसवाल न्यूवोको सीमेंट प्लांट द्वारा संचालित स्कूल में अध्ययनरत था। सुसाइड नोट सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

Advertisment

परिजनों ने बताया कि कमलेश ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की। जब यह खबर परिवार और गांव में फैली, तो हर कोई स्तब्ध रह गया। बेटे की असामयिक मौत से माता-पिता और परिजन गहरे सदमे में हैं।

आरसमेटा गांव में चक्काजाम

घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरसमेटा गांव में चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र के शव को सड़क पर रखकर विरोध जताया और स्कूल प्रबंधन व दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बताया गया कि चक्काजाम सुबह करीब 11 बजे से जारी है।

सूचना मिलते ही मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही न्यूवोको प्रबंधन से भी लगातार चर्चा की जा रही है।

Advertisment

तनावपूर्ण माहौल, जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और उसमें लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी। आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और स्कूलों में अनुशासन के नाम पर होने वाली कथित प्रताड़ना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर स्कूलों में संवेदनशीलता बढ़ाई जाए और शिकायत तंत्र को मजबूत किया जाए।

यह भी पढ़ें: कांकेर में 77वें गणतंत्र दिवस पर दिखा ऐतिहासिक बदलाव: पहली बार पूर्व नक्सलियों का हॉर्स राइडर्स दल परेड में शामिल, दहशत से सम्मान तक का सफर

Advertisment
Advertisment
चैनल से जुड़ें