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जांजगीर–चांपा में मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने चक्काजाम: तीन घंटे तक ठप रहा यातायात, मछुआ समिति के 20 सदस्यों पर FIR

जांजगीर–चांपा मार्ग पर मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने हुए चक्काजाम के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मछुआ समिति के 20 सदस्यों सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

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Harsh Verma
Janjgir Champa Chakka Jam

Janjgir Champa Chakka Jam: जांजगीर–चांपा के बीच स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने मछुआ समिति से जुड़े लोगों द्वारा किए गए चक्काजाम का मामला अब कानूनी शिकंजे में आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर करीब तीन घंटे तक मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूली बच्चे, मरीज, कामकाजी लोग और आम नागरिक इस जाम में फंसे रहे।

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शासकीय कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप

इस मामले में सहायक संचालक मत्स्य विभाग सीताराम अहिरवार द्वारा लिखित शिकायत पुलिस को दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि जब विभागीय कर्मचारी प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे तो उनके साथ गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं, शासकीय कार्य में जानबूझकर बाधा डाली गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस ने दर्ज की नामजद एफआईआर

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मछुआ समिति के 20 सदस्यों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221 एवं 126(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक मार्ग को जाम करना और शासकीय काम में बाधा डालना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

तीन घंटे तक ठप रहा जांजगीर–चांपा मार्ग

चक्काजाम के चलते जांजगीर–चांपा मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। कई एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो स्थिति और बिगड़ सकती थी।

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एसपी के निर्देश पर सख्ती

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय (भापुसे) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन की चेतावनी

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखें। सड़क जाम और शासकीय कार्य में बाधा डालने से आम जनता को परेशानी होती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रदर्शनकारियों की होती है। ऐसे मामलों में भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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