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बिलासपुर के सराफा कारोबारी से साढ़े 3 करोड़ की लूट: UP के मिर्जापुर से चार संदिग्ध हिरासत में, हथियारबंद लूटेरों ने वारदात को दिया था अंजाम

बिलासपुर के राजकिशोर नगर में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से साढ़े तीन करोड़ रुपये की लूट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

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Harsh Verma
Bilaspur Sarafa Loot Kand

Bilaspur Sarafa Loot Kand: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 17 फरवरी की रात हुई साढ़े तीन करोड़ रुपये की लूट ने पूरे शहर को हिला दिया था। अब इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, बिलासपुर पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर वापस लौट रही है।

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यह वारदात राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी के साथ हुई थी, जिनकी वसंत विहार चौक पर महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप संचालित है। घटना वाले दिन वे रोज की तरह रात करीब 9 बजे दुकान बंद कर सोने के जेवर और नकदी लेकर कार से घर लौट रहे थे।

टक्कर मारकर रोका, फिर किया हमला

जैसे ही वे बीएसएनएल ऑफिस गली के तिराहे के पास पहुंचे, पहले से खड़ी सफेद रंग की कार (सीजी 10 बीजे 8147) ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जब संतोष तिवारी बाहर निकले, तो कार में सवार हथियारबंद बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट पहुंचाने के बाद आरोपी साढ़े तीन करोड़ रुपये के आभूषण, करीब साढ़े तीन लाख रुपये नकद और उनकी कार लेकर फरार हो गए।

घटना के बाद संतोष तिवारी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके सिर में कई गहरे घाव पाए गए और करीब 50 टांके लगाए गए। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज जारी है।

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गाड़ियां बदलकर यूपी भागे आरोपी

जांच में सामने आया कि बदमाश वारदात के बाद अपनी वैन और बाइक मौके पर छोड़कर कारोबारी की कार से भागे थे। बाद में उन्होंने उर्तुम इलाके में गाड़ी छोड़ी और फिर स्कॉर्पियो और ह्युंडई आई20 जैसी गाड़ियां बदलकर उत्तर प्रदेश की ओर निकल गए। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों का सुराग लगाया।

छह महीने तक की रेकी, फिर अंजाम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने करीब छह महीने तक सीपत इलाके में किराये के मकान में रहकर कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी। पूरी योजना बनाकर ही इस लूट को अंजाम दिया गया था। उत्तर प्रदेश एटीएस की मदद से मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र में चार संदिग्धों को पकड़ा गया।

आधिकारिक पुष्टि तब होगी जब आरोपियों को बिलासपुर लाकर मीडिया के सामने पूरा खुलासा किया जाएगा। फिलहाल इस कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में कुछ राहत जरूर है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल अब भी उठ रहे हैं।

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