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बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव पर रोक की याचिका खारिज: जस्टिस एनके चंद्रवंशी बोले– प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, अब हस्तक्षेप उचित नहीं

बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगाने की मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस एनके चंद्रवंशी की अदालत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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Harsh Verma
Bilaspur High Court

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर दायर की गई याचिका पर अहम फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन पत्रों की जांच भी हो चुकी है, तब इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।

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क्या था पूरा विवाद

बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव 12 फरवरी को प्रस्तावित हैं। अध्यक्ष सहित कुल 17 पदों के लिए 61 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसी बीच एडवोकेट निरूपमा वाजपेयी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव प्रक्रिया को चुनौती दी थी।

याचिका में कहा गया था कि बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी पहले 15 सदस्यों की थी, जिसे बढ़ाकर 17 कर दिया गया और महिला आरक्षण लागू किया गया। याचिकाकर्ता का तर्क था कि प्रशासक को कार्यकारिणी के पदों में वृद्धि करने का अधिकार नहीं है। यह निर्णय केवल सामान्य सभा में ही लिया जा सकता है।

चुनाव प्रक्रिया पर रोक की मांग

याचिका दायर करने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने का आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया था कि जब तक विवाद का समाधान नहीं हो जाता, तब तक चुनाव स्थगित किया जाए।

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कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका

मामले की सुनवाई जस्टिस एनके चंद्रवंशी की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि बार एसोसिएशन का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसके बाद हाईकोर्ट और राज्य अधिवक्ता परिषद की ओर से प्रशासक नियुक्त किया गया।

प्रशासक ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हाईकोर्ट और राज्य अधिवक्ता परिषद से मार्गदर्शन लेकर चुनाव प्रक्रिया शुरू की। कोर्ट ने माना कि चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी भी पूरी हो चुकी है। ऐसे में इस समय चुनाव पर रोक लगाना उचित नहीं होगा।

सही मंच और समय पर विवाद सुलझाने का निर्देश

अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान उचित मंच और समय पर किया जा सकता है। फिलहाल चुनाव प्रक्रिया को जारी रहने दिया जाए।

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61 प्रत्याशी मैदान में

इस बार के चुनाव में अध्यक्ष सहित कुल 17 पदों के लिए 61 उम्मीदवार मैदान में हैं। वकीलों के बीच चुनाव को लेकर उत्साह भी देखा जा रहा है। महिला आरक्षण और कार्यकारिणी विस्तार का मुद्दा जरूर चर्चा में है, लेकिन फिलहाल चुनाव तय तारीख पर होने का रास्ता साफ हो गया है।

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