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अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट भू-अर्जन में गड़बड़ी: एसडीएम के बाद अब सिंचाई विभाग के तत्कालीन SDO और सब इंजीनियर भी सस्पेंड

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के चर्चित अरपा-भैंसाझार परियोजना के तहत भू-अर्जन में करोड़ों रुपए की अनियमितता मामले में अब सिंचाई विभाग के तत्कालीन SDO और सब इंजीनियर को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

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BP Shrivastava
Bilaspur  Arpa-Bhainsajhar Irrigation Project

Bilaspur Arpa-Bhainsajhar Irrigation Project: छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के चर्चित अरपा-भैंसाझार परियोजना के तहत भू-अर्जन में करोड़ों रुपए की अनियमितता मामले में अब सिंचाई विभाग के तत्कालीन SDO और सब इंजीनियर को भी सस्पेंड कर दिया गया है। यह बड़ी कार्रवाई तत्कालीन तखतपुर एसडीएम आनंद रूप तिवारी के सस्पेंशन के करीब एक महीने बाद की गई।

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जानकारी के अनुससार यह कार्रवाई पूर्व में कराई गई प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें दोनों अफसरों को दोषी पाया गया था। मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर यह पहली बड़ी कार्रवाई है।

3 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी

अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट के अंतर्गत चकरभाठा वितरक नहर निर्माण के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही थी। जांच में सामने आया कि एक ही खसरे को अलग-अलग रकबा दर्शाकर मुआवजा वितरण में 3 करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपयए की बड़बड़ी की गई। आरोप है कि मुआवजा वितरण की आड़ में शासन को बड़े स्तर पर चूना लगाया गया है।

जांच में गड़बड़ियां सामने आईं

शुरुआती जांच तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार द्वारा गठित टीम ने की थी। इस टीम ने 24 फरवरी 2023 को शासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें साफ तौर पर कहा गया था कि प्रोजेक्ट के तहत भू-अर्जन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर गड़बड़ियां की गईं और इसमें सिंचाई विभाग के अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। हालांकि शुरुआत में संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

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दोबारा जांच के बाद कार्रवाई तेज

सौरभ कुमार के बदलने के बाद कलेक्टर अवनीश शरण के पदभार ग्रहण किया और मामले की फिर से कराई।
जिसके आधार पर पटवारी मुकेश साहू (अधिग्रहण के समय पटवारी), जो प्रमोशन पाकर राजस्व निरीक्षक बन चुका था, को बर्खास्त किया गया। उसके खिलाफ सकरी थाने में केस दर्ज कराया गया था। इसके अलावा तत्कालीन एसडीएम रहे आनंद रूप तिवारी (सस्पेंशन के समय बिलासपुर आरटीओ) को भी निलंबित कर दिया गया था।

SDO और सब इंजीनियर ने नहर का एलाइनमेंट बदला

जांच रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ कि निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नहर का एलाइनमेंट बदला गया। इससे मुआवजा राशि में हेरफेर संभव हुआ। अब सिंचाई विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार तत्कालीन एसडीओ (सिंचाई विभाग) एसएल द्विवेदी और तत्कालीन सब इंजीनियर आरके राजपूत को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के तहत सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई और जांच जारी है।

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