CG White Tigress Death: मैत्रीबाग में सफेद बाघिन ‘जया’ की संदिग्ध मौत, पेट में इंफेक्शन की आशंका, क्या खराब खाना मौत की वजह ?

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई स्थित मैत्रीबाग जू से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जू में रहने वाली 10 वर्षीय सफेद बाघिन ‘जया’ अपने केज में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई।

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CG White Tigress Death

CG White Tigress Death: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई स्थित मैत्रीबाग जू से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जू में रहने वाली 10 वर्षीय सफेद बाघिन ‘जया’ अपने केज में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। सुबह की रुटीन गश्त के दौरान कर्मचारियों ने बाघिन को निष्क्रिय पाया, जिसके बाद तुरंत वन विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।

मैत्रीबाग जू में ही अंतिम संस्कार

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जया की मौत की पुष्टि की। दोपहर को डीएफओ की उपस्थिति में विशेषज्ञ टीम ने पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद नियमानुसार मैत्रीबाग परिसर में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पेट में इंफेक्शन की आशंका, असली वजह पीएम के बाद चलेगी

शुरुआती जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि जया की मौत पेट में हुए गंभीर इंफेक्शन के कारण हो सकती है। हालांकि, डीएफओ का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।

ठंड बढ़ने पर किए कई बदलाव

जानकारों के मुताबिक, सफेद बाघ सामान्य बाघों की तुलना में अधिक संवेदनशील होते हैं और मौसम परिवर्तन के दौरान उनकी खास देखभाल की जरूरत होती है। पिछले दिनों बढ़ी ठंड को देखते हुए जू प्रशासन ने उनकी डाइट में बदलाव के साथ-साथ केज के आसपास अलाव जलाने जैसे उपाय भी किए थे। 

Maitribag Zoo
भिलाई का मैत्रीबाग जू।

मैत्रीबाग में सफेद बाघ के संरक्षण की कहानी

मैत्रीबाग देश के प्रमुख सफेद बाघ संरक्षण केन्द्रों में से खास है। 1990 में ओडिशा के नंदनकानन जू से सफेद बाघों की पहली जोड़ी यहां लाई गई थी, जिसके बाद वर्षों में उनका कुनबा बढ़कर 19 तक पहुंच गया था। यहां से सफेद बाघों को गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश और रायपुर तक भेजा गया है।

अब जू में केवल 5 सफेद बाघ बचे

करीब डेढ़ साल पहले रायपुर जंगल सफारी से लाई गई बाघिन जया, मैत्रीबाग के सफेद बाघ कुनबे की अहम सदस्य थी। उसकी अचानक मौत से जू परिसर में उदासी का माहौल है। जया के निधन के बाद अब मैत्रीबाग में सफेद बाघों की संख्या घटकर 5 रह गई है।

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वन विभाग जांच में जुटा

वन विभाग अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है, ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके और भविष्य में सफेद बाघों की सुरक्षा व स्वास्थ्य प्रबंधन को और मजबूत किया जा सके। जांच में खराब डाइट के एंगल से भी जांच हो सकती है।

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