बीजापुर में नक्सलियों की कायराना हरकत: IED विस्फोट में ग्रामीण युवक की मौत, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

Bijapur Naxalite IED Attack: बीजापुर में IED की चपेट में आने से 20 वर्षीय ग्रामीण युवक आयता कुहरामी की दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से जंगल क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।

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Bijapur Naxalite IED Attack: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक बार फिर माओवादियों की कायराना हरकत सामने आई है। उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम कस्तुरीपाड़ जंगल में लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से एक निर्दोष ग्रामीण युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान आयता कुहरामी उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है। प्रशासन ने लोगों से जंगल क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।

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जंगल में रखा था प्रेशर IED

जानकारी के मुताबिक आयता कुहरामी किसी काम से जंगल की ओर गया था। इसी दौरान उसका पैर जमीन में छिपाकर लगाए गए प्रेशर IED पर पड़ गया। जैसे ही उसने कदम रखा, जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि युवक के दोनों पैरों के चिथड़े उड़ गए और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल आयता को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन ज्यादा खून बहने और गंभीर चोटों के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

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इलाके में फैली दहशत

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि जंगल में अब भी कई जगह IED बिछाए गए हो सकते हैं। लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

सर्च ऑपरेशन तेज

सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बम निरोधक दस्ता आसपास के जंगलों में विस्फोटक ढूंढने और उन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई कर रहा है, ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न हो।

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प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के जंगल और दुर्गम इलाकों में न जाएं। अगर कहीं कोई संदिग्ध वस्तु, तार, गड्ढा या असामान्य गतिविधि नजर आए तो तुरंत नजदीकी थाना या सुरक्षा बलों को सूचना दें।

सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

इस घटना ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित इलाकों में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। निर्दोष ग्रामीण अक्सर ऐसे विस्फोटकों का शिकार बन रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि माओवादियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

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