/bansal-news/media/media_files/2026/02/09/amit-shah-bastar-visit-2026-02-09-14-05-58.jpg)
Amit Shah Bastar Visit: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित लालबाग मैदान में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ के संभाग स्तरीय समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। मंच पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें कौड़ी की माला पहनाई गई और पारंपरिक पगड़ी बांधी गई। शाह दोपहर 2 बजे तक कार्यक्रम में मौजूद रहे और जनसभा को संबोधित किया।
90 प्रतिशत क्षेत्र माओवाद से मुक्त
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का तेजी से सफाया हो रहा है और अब राज्य का 90 प्रतिशत क्षेत्र माओवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब गिने-चुने नक्सली ही बचे हैं और बस्तर की यह ललकार तेलंगाना में छिपे नक्सलियों तक पहुंचनी चाहिए।
संस्कृति ही बस्तर की असली पहचान
शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद से नहीं, बल्कि यहां की कला और संस्कृति से है। उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम पहले 7 विधाओं तक सीमित था, लेकिन अब इसमें 5 नई विधाएं जुड़ चुकी हैं और कुल 12 विधाओं में कार्यक्रम आयोजित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के समय से यहां की संस्कृति को संजोकर रखा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में आने पर उन्होंने उन्हें फोन कर धन्यवाद भी दिया।
55 हजार लोगों की भागीदारी
आयोजन में करीब 55 हजार लोगों की सहभागिता रही। दंतेवाड़ा से सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई। अबूझमाड़िया, माड़िया और मुरिया जनजातियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शाह ने कहा कि कभी नक्सलियों के डर से सहमा बस्तर अब अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जा रहा है। खानपान, नृत्य, नाटक और पारंपरिक कलाओं के जरिए बस्तर की पहचान मजबूत हो रही है।
सरेंडर करने वालों को सुरक्षा, हिंसा करने वालों पर सख्ती
गृह मंत्री ने साफ कहा कि जो नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, उन्हें कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। लेकिन स्कूल और अस्पताल जलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विकास और रोजगार पर जोर
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद खत्म होते ही बस्तर में नई टूरिज्म परियोजनाएं शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि बस्तर में 118 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे आदिवासी युवाओं को रोजगार मिलेगा।उन्होंने रावघाट परियोजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे क्षेत्र में तेजी से विकास आएगा।
हाईलेवल बैठक में भी हुई समीक्षा
इससे पहले रविवार को रायपुर में नक्सलवाद पर हाईलेवल बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सुरक्षा रणनीति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम चरण की रणनीति और बस्तर के सांस्कृतिक व औद्योगिक विकास को लेकर अहम माना जा रहा है।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us