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CG News: सीएम साय ने किया 'मनरेगा दर्पण' का शुभारंभ, अब हर ग्रामीण को मोबाइल पर मिलेगी कामकाज की पूरी जानकारी

Chhattisgarh MNREGA Darpan: सीएम साय ने किया 'मनरेगा दर्पण' का शुभारंभ, अब हर ग्रामीण को मोबाइल पर मिलेगी कामकाज की पूरी जानकारी

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Harsh Verma
Chhattisgarh MNREGA Darpan

Chhattisgarh MNREGA Darpan: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने धमतरी (Dhamtari) जिले के करेली बड़ी गांव (Kareli Badi Village) में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन (Mahatari Sadan) लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल (MNREGA Darpan Information Board) का शुभारंभ किया।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीणों को सशक्त बनाएगी और योजनाओं में पारदर्शिता (Transparency) लाएगी।

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मनरेगा दर्पण से पारदर्शिता और जवाबदेही

सरकार का मानना है कि मनरेगा दर्पण (MNREGA Darpan) न सिर्फ पारदर्शिता की नई मिसाल बनेगा, बल्कि ग्रामीणों को योजनाओं से सीधे जोड़ेगा।

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यह क्यूआर कोड (QR Code) और जीआईएस तकनीक (GIS Technology) पर आधारित प्रणाली है, जिसके जरिए ग्रामीण मोबाइल (Mobile) पर ही अपने गांव के मनरेगा कार्यों (MNREGA Works) की जानकारी ले सकेंगे।

मोबाइल पर मिलेगी हर जानकारी

अब किसी भी ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) में लगे सूचना पटल (Information Board) पर प्रदर्शित क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करके ग्रामीण जान सकेंगे-

  • उनके गांव में कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं।
  • उन कार्यों पर कितनी राशि खर्च हुई है।
  • वर्तमान स्थिति (Current Status) क्या है।
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यानी अब फाइलों और कागज़ी दस्तावेजों (Documents) पर निर्भरता खत्म होगी। ग्रामीण सीधे अपने मोबाइल से हर विवरण देख सकेंगे।

डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण (Digital Empowerment) और सुशासन (Good Governance) की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मनरेगा दर्पण पोर्टल (MNREGA Darpan Portal) और सूचना पटल (Information Board) के जरिए रिकॉर्ड (Record) डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। समय-समय पर ग्राम पंचायतें जानकारी अपडेट करती रहेंगी।

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जनता करेगी खुद निगरानी

इस प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जनता खुद निगरानी (Monitoring) कर सकेगी। अब योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम खत्म होगा और ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी दफ्तर या अधिकारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह पहल पारदर्शी शासन (Transparent Governance) और जनता की भागीदारी को बढ़ावा देगी।

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