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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, पूर्व मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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Harsh Verma
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW कोर्ट ने कवासी लखमा को 25 अप्रैल तक न्यायिक रिमांड पर भेजा, 15 जनवरी से जेल में हैं लखमा

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) ने अपनी जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) में याचिका दाखिल की थी।

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इस मामले में मंगलवार को जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा (Justice Arvind Kumar Verma) की सिंगल बेंच ने सुनवाई की। ईओडब्ल्यू (EOW) में दर्ज केस में कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) में दर्ज मामले में ईडी को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा गया है। अब इस केस की अगली सुनवाई अगस्त के पहले सप्ताह में होगी।

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64 करोड़ का कमीशन और दस्तावेजी सबूत

CG Kawasi Lakhma vs EOW

ईओडब्ल्यू (EOW), एसीबी (ACB) और ईडी (ED) ने मिलकर इस घोटाले की लंबी जांच की थी। जांच के बाद जो 1100 पन्नों की चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में पेश की गई, उसमें कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) पर 64 करोड़ रुपये कमीशन लेने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

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चार्जशीट में कहा गया कि लखमा ने आबकारी विभाग के मंत्री पद पर रहते हुए अपने संवैधानिक कर्तव्यों की अनदेखी की और अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने नीतिगत फैसलों, अधिकारियों की पोस्टिंग, टेंडर प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप कर पूरे विभागीय सिस्टम में भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत कीं।

मंत्री पद की ताकत का गलत इस्तेमाल का आरोप

चार्जशीट के मुताबिक कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) ने अपने सहयोगियों, विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ मिलकर शराब घोटाले को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। विभागीय टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर कमीशन की मोटी रकम वसूली गई।

इस कमीशन से लखमा ने अपने और परिवार के हित में भारी निवेश और खर्च किए। एसीबी (ACB) ने कोर्ट को बताया कि 64 करोड़ में से 18 करोड़ रुपये के अवैध निवेश और खर्च के ठोस दस्तावेज हाथ लगे हैं।

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लखमा ने कार्रवाई को दी थी चुनौती

गौरतलब है कि कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) ने ईडी (ED), एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की कार्रवाई को विशेष कोर्ट में चुनौती दी थी। बावजूद इसके चार्जशीट में जुटाए गए साक्ष्य और वित्तीय विश्लेषण ने उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की पुष्टि कर दी।

अब हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर फैसला आने का इंतजार है। इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले (Liquor Scam) ने सत्ताधारी दल की छवि को बड़ा झटका दिया है।

अब अगस्त में अगली सुनवाई

[caption id="attachment_846769" align="alignnone" width="300"]Chhattisgarh Sharab Ghotala 2025 Vijay Bhatia, Bilaspur High Court Chhattisgarh Bilaspur High Court[/caption]

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कोर्ट के आदेश के मुताबिक अब ईडी (ED) को तीन हफ्तों में जवाब देना होगा। इसके बाद अगस्त के पहले सप्ताह में इस मामले की सुनवाई फिर से होगी। अगर कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) को जमानत मिलती है तो घोटाले की जांच की दिशा में नया मोड़ आ सकता है।

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