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Raipur Tigress Bijli: रायपुर के जंगल सफारी (Jungle Safari Raipur) की बाघिन ‘बिजली (Bijli Tigress)’ को आखिरकार बेहतर इलाज के लिए गुजरात भेज दिया गया है। बुधवार को उसे विशेष देखरेख में हावड़ा-अहमदाबाद ट्रेन (Howrah-Ahmedabad Train) के जरिए जामनगर (Jamnagar) स्थित वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड केयर सेंटर (Vantara Wildlife Rescue and Care Centre) पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इससे पहले छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप (Forest Minister Kedar Kashyap) स्वयं जंगल सफारी पहुंचे और बाघिन की सेहत का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘बिजली’ की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक तरीके से पूरी कराई जाए।
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22 अगस्त से बिगड़ रही थी तबीयत
जंगल सफारी के अधिकारियों के अनुसार, 22 अगस्त से बाघिन बिजली खाना नहीं खा रही थी और लगातार कमजोर हो रही थी। उसका इलाज रायपुर में चल रहा था, लेकिन हालात में सुधार नहीं आने पर वन विभाग ने उसे जामनगर भेजने का फैसला लिया।
अधिकारियों ने बताया कि बाघिन के यूट्रस (Uterus) और ओरल (Oral) हिस्से में इन्फेक्शन पाया गया है, जिसके लिए विशेष चिकित्सा की जरूरत है।
रेलवे ने बनाया विशेष इंतजाम
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जंगल सफारी प्रबंधन ने बाघिन को भेजने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (South East Central Railway) के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी (Awadhesh Kumar Trivedi) से संपर्क किया।
मामले की गंभीरता देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक दयानंद (DRM Dayanand) ने तुरंत कार्रवाई की और हावड़ा मुख्यालय से चर्चा कर ट्रेन में बाघिन को भेजने की अनुमति दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
वन मंत्री बोले – एक महीने चलेगा इलाज
वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बाघिन बिजली 8 साल की है, और पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रही थी। उन्होंने कहा, “हमने उसे गुजरात भेजने का निर्णय उसकी भलाई के लिए लिया है। वनतारा सेंटर में अनुभवी डॉक्टर और आधुनिक उपकरण हैं, जहां बिजली का इलाज लगभग एक महीने तक चलेगा।”
लोगों ने की स्वस्थ होने की कामना
जंगल सफारी के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने बाघिन बिजली की सलामती की दुआ की है। ‘बिजली’ जंगल सफारी की सबसे लोकप्रिय बाघिनों में से एक रही है और बच्चों की खास पसंद भी रही है।
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