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एनआईए की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी जासूसी रैकेट से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों में ठिकानों पर छापे

CG NIA Raids: एनआईए की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी जासूसी रैकेट से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों में ठिकानों पर छापे

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Harsh Verma
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CG NIA Raids: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency - NIA) ने शनिवार को देशभर के 8 राज्यों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (Pakistani Intelligence Agency - PIO) से जुड़े एक जासूसी रैकेट पर बड़ी कार्रवाई की। दिल्ली, मुंबई (Maharashtra), हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम और पश्चिम बंगाल में 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

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इस ऑपरेशन में कई संदिग्धों के ठिकानों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (Electronic Gadgets) के साथ ही संवेदनशील वित्तीय दस्तावेज (Sensitive Financial Documents) और कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है।

भारत विरोधी नेटवर्क पर एनआईए की सख्त नजर

एनआईए के अनुसार, ये छापेमारी भारत विरोधी जासूसी नेटवर्क (Anti-India Espionage Network) के खिलाफ की गई है, जिसे पाकिस्तान में बैठे संचालक चला रहे थे। पकड़े गए संदिग्ध भारत में रहकर संवेदनशील सूचनाएं इकट्ठा कर रहे थे और उन्हें पाकिस्तानी एजेंट्स को भेज रहे थे। इसके बदले उन्हें हवाला और अन्य माध्यमों से पैसे भी मिल रहे थे।

2023 से चल रही थी जासूसी, 20 मई को हुई थी पहली गिरफ्तारी

इस मामले में 20 मई को एनआईए ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जो 2023 से पाकिस्तान खुफिया एजेंसी (PIO) के संपर्क में था। वह लगातार सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां साझा कर रहा था। इसके बदले में उसे मोटी रकम मिलती थी, जिसे जांच एजेंसियां अब ट्रैक कर रही हैं।

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एनआईए ने इस मामले को बीएनएस 2023 (BNS 2023) की धारा 61(2), 147, 148, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 (Official Secrets Act 1923) की धारा 3 और 5, तथा यूएपीए 1967 (UAPA 1967) की धारा 18 के तहत दर्ज किया है।

देश की सुरक्षा में सेंध का गंभीर मामला

एनआईए की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि देश में पाकिस्तान समर्थित जासूसी गतिविधियों का खतरा अब भी बना हुआ है। देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करना गंभीर अपराध है और इस मामले में शामिल हर व्यक्ति पर अब कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

एनआईए आगे की जांच में फंडिंग नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और डिजिटल कम्युनिकेशन के माध्यमों पर गहराई से काम कर रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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