हाइलाइट्स
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हॉफ स्कीम अब सिर्फ 100 यूनिट तक।
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जुलाई की खपत पर FPPAS शुल्क 6-7% बढ़ेगा।
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65 लाख उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का झटका।
CG Electricity Bill September Hike: प्रदेशभर के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं (Electricity Consumers in Chhattisgarh) को इस बार सितंबर में आने वाले बिजली बिल में महंगाई का डबल झटका लगने जा रहा है। अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना (Half Electricity Bill Scheme) की सीमा घटाकर 400 यूनिट से 100 यूनिट कर दी गई है। वहीं, जुलाई महीने की खपत पर फ्यूल पॉवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPA Surcharge) भी जोड़ा जाएगा।
400 यूनिट पर अब हजार रुपए ज्यादा का भार
अब तक घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की खपत पर बिल आधा करना पड़ता था, जिससे करीब हजार रुपए की राहत मिलती थी। लेकिन अब सिर्फ 100 यूनिट तक ही हॉफ स्कीम (100 Unit Half Scheme) का फायदा मिलेगा। यानी, अगर कोई परिवार 400 यूनिट की खपत करता है तो उसे सितंबर में (CG Electricity Bill September) आने वाले बिल पर कम से कम हजार रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे।
FPPAS शुल्क फिर बढ़ा, जुलाई की खपत पर लगेगा असर
जुलाई में एफपीपीएएस शुल्क (FPPA Surcharge) -1.44% (Minus) था, लेकिन अब अगस्त से यह फिर बढ़कर 6-7% होने जा रहा है। इसका सीधा असर सितंबर में आने वाले बिलों पर पड़ेगा। इससे पहले मई में यह शुल्क 7.32% तक पहुंचा था, जबकि जून में यह मामूली गिरकर 0.12% माइनस में चला गया था।
2023 से लागू हुआ नया फॉर्मूला
प्रदेश में उपभोक्ताओं से वसूली के लिए पहले वीसीए (VCA) फॉर्मूला लागू था, लेकिन अप्रैल 2023 से इसकी जगह नया फॉर्मूला एफपीपीएएस (Fuel Power Purchase Adjustment Surcharge) लागू किया गया। तब से हर माह उपभोक्ताओं को अलग-अलग दर से यह शुल्क देना पड़ रहा है।
सिर्फ सौ यूनिट तक हॉफ योजना का लाभ
नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता की खपत 100 यूनिट से अधिक (Above 100 Units Electricity Bill) होती है, तो उसे न केवल ज्यादा बिल देना होगा बल्कि सौ यूनिट पर भी हॉफ योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यानी वास्तविक राहत केवल उन परिवारों को मिलेगी जिनकी खपत सौ यूनिट या उससे कम है।
बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ेगा बोझ
प्रदेशभर में करीब 65 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से बड़ी संख्या ऐसे परिवारों की है जो 200-400 यूनिट के बीच बिजली की खपत करते हैं। अब इन परिवारों को महंगी बिजली (Expensive Electricity Bill) का डबल झटका लगने वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में ऊर्जा प्रभार (Energy Charges) और उत्पादन लागत बढ़ने पर यह बोझ और ज्यादा बढ़ सकता है।
लोगों में नाराजगी, सरकार से राहत की उम्मीद
नियमों में बदलाव और लगातार बढ़ते बिजली बिल (Power Bill Hike) को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर लोग सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं। वहीं, ऊर्जा विभाग का कहना है कि यह शुल्क उत्पादन लागत (Power Production Cost) के अंतर को समायोजित करने के लिए जरूरी है।
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FAQs..
1. सितंबर 2025 से छत्तीसगढ़ में बिजली बिल क्यों बढ़ेगा?
सितंबर से बिजली बिल में डबल झटका इसलिए पड़ेगा क्योंकि हॉफ बिजली बिल योजना की सीमा 400 यूनिट से घटाकर 100 यूनिट कर दी गई है और साथ ही FPPA सरचार्ज भी फिर से बढ़ा दिया गया है।
2. अब हॉफ बिजली बिल योजना का फायदा किसे मिलेगा?
नई व्यवस्था के तहत केवल 100 यूनिट तक की खपत पर ही हॉफ स्कीम (Half Electricity Bill Scheme) का लाभ मिलेगा। 100 यूनिट से अधिक खपत करने वालों को इस योजना का कोई फायदा नहीं मिलेगा।
3. FPPA सरचार्ज (Fuel Power Purchase Adjustment Surcharge) क्या है?
यह एक एडजस्टमेंट शुल्क है, जो बिजली उत्पादन लागत और ईंधन पर आने वाले अतिरिक्त खर्च को कवर करने के लिए लगाया जाता है। अप्रैल 2023 से नया FPPA फॉर्मूला लागू है और हर महीने अलग-अलग दर से यह शुल्क जोड़ा जाता है।
4. सितंबर में 400 यूनिट की खपत पर उपभोक्ताओं को कितना अतिरिक्त भुगतान करना होगा?
400 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अब कम से कम ₹1000 का अतिरिक्त बोझ झेलना होगा। पहले इस पर आधा बिल कट जाता था, लेकिन अब हॉफ स्कीम केवल 100 यूनिट तक सीमित है।
5. छत्तीसगढ़ के कितने बिजली उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा?
प्रदेशभर के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को इसका असर झेलना पड़ेगा। इनमें सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर होगा जिनकी खपत 200 से 400 यूनिट के बीच रहती है।
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