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बिलासपुर में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का आरोप: हिंदू संगठनों का विरोध, पुलिस ने SECL कर्मचारी को हिरासत में लिया

Bilaspur Religious Conversion: बिलासपुर में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का आरोप, हिंदू संगठनों का विरोध, पुलिस ने SECL कर्मचारी को हिरासत में लिया

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Harsh Verma
CG Religious Conversion Case

Bilaspur Religious Conversion: बिलासपुर शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी में बुधवार रात उस वक्त हंगामा मच गया जब हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि एक घर में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी।

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बताया जा रहा है कि यह सभा एसईसीएल (SECL) कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में आयोजित की गई थी, जिसमें आसपास के कई लोग शामिल थे। सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक बातें कही जा रही थीं और उपस्थित लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

घर से मिली ईसाई धर्म की प्रचार सामग्री

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पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो घर से बाइबल (Bible), ईसाई धर्म से जुड़ी किताबें और प्रचार पर्चे (Pamphlets) बरामद किए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधि पिछले कई दिनों से चल रही थी, लेकिन बुधवार को जब आवाजें तेज हुईं तो शक गहराया और मामले की सूचना संगठनों को दी गई।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने घर के बाहर नारेबाजी की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। विरोध बढ़ता देख पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजेंद्र खरे को हिरासत में ले लिया और थाने में पूछताछ शुरू कर दी।

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पुलिस जांच में जुटी, हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी

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सरकंडा थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सभा में धार्मिक साहित्य का वितरण किया जा रहा था।

वहीं, हिंदू संगठनों का कहना है कि वे बिलासपुर में किसी भी तरह के धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठन के सदस्यों ने कहा कि जहां भी इस तरह की गतिविधियां चलेंगी, वहां वे खुद पहुंचकर विरोध दर्ज कराएंगे।

शहर में फिर गर्म हुआ धर्मांतरण का मुद्दा

बिलासपुर में धर्मांतरण का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां प्रार्थना सभा या सामाजिक कार्यक्रम के बहाने धर्म परिवर्तन की कोशिशें की गईं। इस घटना के बाद फिर से शहर में धार्मिक तनाव का माहौल बन गया है।

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स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि प्रार्थना सभा का उद्देश्य क्या था।

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