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आप भी बच्चों को हेल्थ ड्रिंक समझकर पिलाते हैं Bournvita, जान लें सरकार की ये एडवाइजरी

Bournvita Health Drink: केंद्र सरकार ने शनिवार को ई-कॉमर्स कंपनियों को बड़ा फर्जी दावे के साथ ड्रिंक्स बेचने को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है.

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Rohit Sahu
आप भी बच्चों को हेल्थ ड्रिंक समझकर पिलाते हैं Bournvita, जान लें सरकार की ये एडवाइजरी

हाइलाइट्स

  • BournVita को हेल्थ ड्रिंक कैटगरी से हटाने के निर्देश
  • ग्राहकों को भ्रमित कर बेचे जा रहे हेल्ड और एनर्डी ड्रिंक्स
  • शुगर लेवल को पहले भी बॉर्नवीटा को दिया था नोटिस
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Bournvita Health Drink: केंद्र सरकार ने शनिवार को ई-कॉमर्स कंपनियों को बड़ा फर्जी दावे के साथ ड्रिंक्स बेचने को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है.दरअसल ई-कॉमर्स कंपनियां की वेबसाइट पर Health Drinks और Energy Drinks कैटगरी में कई सारे अन हेल्दी ड्रिंक्स भी बेचे जा रहे हैं. अब सरकार ने बोर्नविटा समेत कई ड्रिंक्स को हेल्थ ड्रिंक्स की कैटगरी से हटाने को कहा है.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

Ministry of Commerce and Industry ने  ई-कॉमर्स कंपनियों से अपनी वेबसाइट और प्लेटफॉर्म से बोर्नविटा समेत कई ड्रिंक्स को 'हेल्थ ड्रिंक' (Health Drink) कैटेगरी से हटाने का आदेश जारी किया है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के निष्कर्ष के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने यह फैसला लिया.

bournvita health drink

फूड सेक्योरिटी मानकों को पूरा नहीं कर रहे ये ड्रिंक्स  

NCPCR ने जांच में पाया कि खाद्य सुरक्षा-मानक अधिनियम 2006 और इसके नियमों के तहत ये सभी  हेल्थ ड्रिंक्‍स खरे नहीं उतर पा रहे हैं. हेल्थ ड्रिंक्स की अधिनियम के अनुसार बोर्नविटा (Bournvita Health Drink) समेत सभी पेय पदार्थ को हेल्‍थ ड्रिंग्‍स में शुगर की मात्रा ज्यादा है. वहीं कई हेल्थ और एनर्जी ड्रिंक ऐसे हैं जो बच्चों की हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहे हैं. 

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2 अप्रैल तक की थी डेडलाइन

2 अप्रैल को FSSAI ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को डेयरी, अनाज या माल्ट बेस्‍ड पेय पदार्थों को हेल्‍थ ड्रिंक्‍स या एनर्जी ड्रिंक्‍स कैटगरी से हटाने के निर्देश दिए थे. लेकिन वेबसाइट्स से अभी तक इन्हें हेल्‍थ ड्रिंक्‍स कैटगरी से नहीं हटाया गया. 

ग्राहकों को गुमराह कर रहे ब्रांड्स

FSSAI ने ई-कॉमर्स साइटों को एडवाइजरी दी कि गलत शब्दों के इस्तेमाल से ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा है. एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि 'हेल्थ ड्रिंक' शब्द एफएसएस अधिनियम 2006 या खाद्य उद्योग को नियंत्रित करने वाले इसके नियमों और विनियमों के तहत परिभाषित या मानकीकृत नहीं है. इसके अतिरिक्त 'एनर्जी ड्रिंक्स' शब्द को केवल कार्बोनेटेड और नॉन-कार्बोनेटेड वॉटर ड्रिंक्स के लिए ही प्रोडक्ट की ही अनुमति है.

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शुगर लेवल को लेकर फंसा Bournvita

Bourn Vita को NCPCR ने पहले भी नोटिस भेजा है. NCPCR ने पिछले साल बॉर्नविटा बनाने वाली कंपनी मोंडेलेज इंटरनेशनल इंडिया लिमिटेड (Mondelez International) को नोटिस भेजा था. जिसमें कहा गया था कि बॉर्नवीटा में काफी मात्रा में शुगर मिलाई जा रही है. साथ ही कुछ ऐसे तत्व भी हैं जो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

लिहाजा कंपनी अपने प्रोडक्ट के सभी भ्रामक विज्ञापनों, पैकेजिंग और लेबल की समीक्षा करे और उन्हें वापस लें. बता दें भारत में एनर्जी ड्रिंक और स्पोर्ट्स ड्रिंक के नाम पर बिकने वाली ड्रिंक का वर्तमान में मार्केट 4.7 बिलियन डॉलर का है. अनुमान लगाया जा रहा है कि 2028 तक इसमें 5.71% की CAGR ग्रोथ हो सकती है.

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