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Bhopal Fake Call Center Case: भोपाल फर्जी कॉल सेंटर मामला, आरोपी ASI लापता, BJP पार्षद पर रिश्वत के आरोप

Bhopal Fake Call Center Case: भोपाल में फर्जी कॉल सेंटर मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। इस मामले में आरोपी एएसआई पवन रघुवंशी, जो पुलिस कस्टडी में था, अब लापता है। वहीं, रिश्वत देने आया टीकमगढ़ निवासी अंशुल जैन भाजपा का पार्षद निकला है। अंशुल को फर्जी कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड अफजल खान के साले मुइन खान का करीबी बताया जा रहा है।

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Ashi sharma
Bhopal Fake Call Center Case

Bhopal Fake Call Center Case

Highlight:

  • आरोपी एएसआई लापता, भाजपा पार्षद गिरफ्तार
  • 25 लाख रुपये की डील का आरोप
  • मास्टरमाइंड अफजल की रिमांड बढ़ी
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Bhopal Fake Call Center Case: भोपाल में फर्जी कॉल सेंटर मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। इस मामले में आरोपी एएसआई पवन रघुवंशी, जो पुलिस कस्टडी में था, अब लापता है। वहीं, रिश्वत देने आया टीकमगढ़ निवासी अंशुल जैन भाजपा का पार्षद निकला है। अंशुल को फर्जी कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड अफजल खान के साले मुइन खान का करीबी बताया जा रहा है।

रिश्वत देते रंगे हाथों पकड़ाया भाजपा पार्षद

भाजपा पार्षद अंशुल जैन ने आरोपी एएसआई पवन रघुवंशी को 5 लाख रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की थी। हालांकि, रिश्वत देते समय अंशुल जैन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई, जब अंशुल ने आरोपियों को बचाने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की। इस मामले में अंशुल जैन के साथ-साथ कई अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है।

पार्षद अंशुल जैन का रोल

अंशुल जैन टीकमगढ़ में एक राइस मिल चलाता है। सूत्रों के मुताबिक, उसने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय पार्षद का चुनाव लड़ा था और जीतने के बाद फिर से भाजपा में शामिल हो गया। इस मामले में उस पर रिश्वत देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपियों को बचाने के लिए 25 लाख रुपये की डील तय हुई थी।

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मुइन खान का कनेक्शन

मुइन खान, जिसे फर्जी कॉल सेंटर मामले में आरोपी न बनाने के लिए डील की बात कही जा रही है, भाजपा के टिकट पर 2022 में पार्षद का चुनाव लड़ चुका है। मुइन एक क्रेशर संचालक है और उसके खिलाफ टीकमगढ़ कोतवाली में 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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पुलिस की जांच

इस मामले की जांच एसीपी हबीबगंज निहित उपाध्याय को सौंपी गई है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की जांच शुरू कर दी है। सस्पेंड हुए एएसआई मनोज और प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र भी फिलहाल गायब हैं। टीआई जितेंद्र गढ़वाल ने दावा किया कि उनकी शिकायत पर पवन रघुवंशी को लाइन अटैच किया गया था, इसलिए उसने जानबूझकर उनका नाम लिया।

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मास्टरमाइंड अफजल की रिमांड बढ़ी

फर्जी कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड अफजल खान की तीन दिन की रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने उसे ऑटो से कोर्ट पहुंचाया। कोर्ट ने अफजल की रिमांड एक दिन और बढ़ा दी है। पुलिस ने 5 लाख रुपये रिश्वत लेने वाले पवन रघुवंशी और अन्य पुलिस कर्मियों पर जांच के लिए विशेष न्यायाधीश रामप्रताप मिश्र की कोर्ट में एफआईआर पेश की है।

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