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Asthma Deaths India: भारत में हर साल अस्थमा से होती है 46% मौतें, जानें कब खतरनाक हो जाती है यह गंभीर बीमारी

Asthma Deaths India: भारत में हर साल अस्थमा से होती है 46% मौतें, जानें कब खतरनाक हो जाती है यह गंभीर बीमारी

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Ujjwal Jain
Asthma Deaths India: भारत में हर साल अस्थमा से होती है 46% मौतें, जानें कब खतरनाक हो जाती है यह गंभीर बीमारी

हाइलाइट्स 

  • भारत में हर साल अस्थमा से होती है 2 लाख मौतें 
  • देश में 35 लाख मरीज इस बीमारी से जूझ रहे
  • ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा 
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क्या आप जानते हैं कि अस्थमा की वजह से दुनिया में जितनी मौतें होती हैं, उनमें से लगभग आधी अकेले भारत में दर्ज होती हैं? यह एक गंभीर और लगातार बढ़ती हुई समस्या है।

भारत में अस्थमा की स्थिति

साल 2024 में आई विभिन्न रिपोर्ट्स ने साफ किया कि अस्थमा अब एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट बन चुका है। दुनियाभर में अस्थमा से जितनी मौतें होती हैं, उनमें से लगभग 46% केवल भारत में होती हैं। अनुमान है कि देश में हर साल 2 लाख से अधिक लोग अस्थमा की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट ने खुलासा किया कि भारत में लगभग 35 लाख लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।

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कब खतरनाक हो जाता है अस्थमा?

अस्थमा हर समय जानलेवा नहीं होता, लेकिन कुछ स्थितियों में यह अचानक बहुत खतरनाक हो सकता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि-

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  • जब मरीज को सांस लेने में लगातार दिक्कत हो
  • इन्हेलर का उपयोग करने के बाद भी राहत न मिले
  • कम शारीरिक गतिविधि के बाद भी सांस फूलने लगे

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इन हालात में मरीज को तुरंत इमरजेंसी इलाज की जरूरत पड़ती है। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

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अस्थमा के लक्षण कैसे पहचानें?

अस्थमा की पहचान करना जरूरी है ताकि इसे शुरुआती चरण में ही काबू किया जा सके। इसके प्रमुख लक्षण हैं:

  • सांस लेने में कठिनाई
  • सीने में जकड़न या दर्द
  • खांसी और घबराहट
  • बच्चों में सांस छोड़ते समय घरघराहट
  • धूल, मिट्टी, प्रदूषण और एलर्जी अस्थमा के लक्षणों को और बिगाड़ सकते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एक्सपर्ट बताते हैं कि अस्थमा एक क्रॉनिक यानी लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है। इसके लक्षण जैसे सांस लेने में दिक्कत, घबराहट और सीने में जकड़न को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। यदि इन्हेलर से भी राहत न मिले, तो स्थिति गंभीर हो जाती है और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।

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भारत में अस्थमा की समस्या तेजी से बढ़ रही है। मौतों के आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह बीमारी अब केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है। समय रहते लक्षणों को पहचानना और डॉक्टर की सलाह लेना ही इसका सबसे अच्छा बचाव है।

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