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आशुतोष राणा: बनना चाहते थे नेता बन गए अभिनेता, जानिए उनकी कहानी

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Bansal Digital Desk
आशुतोष राणा: बनना चाहते थे नेता बन गए अभिनेता, जानिए उनकी कहानी

भोपाल। आज हम स्टोरी ऑफ द डे में बात करने वाले हैं फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा की। जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में एक अलग ही पहचान बनाया है। अधिकतर खलनायक की भूमिका में दिखाई देने वाले आशुतोष ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। जख्म, दुश्मन, संघर्ष, जैसे फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। उन्होंने इसी के दम पर नकारात्मक भूमिका में भी जान फंकने की कोशिश की।

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मप्र के गाडरवाड़ा के रहने वाले हैं राणा

आशुतोष राणा का जन्म 10 नवंबर, 1964 को मध्य प्रदेश के गाडरवाड़ा में हुआ। उनका बचपन भी गाडरवाड़ा में ही बीता। लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए वो डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर पहुंचे। यहां वे छात्र नेता बनना चाहते थे। लेकिन इसी दौरान उनकी मुलाकात देवप्रकाश शास्त्री से हुई, जिन्हें आशुतोष सम्मान से दद्दा जी कहते हैं। उन्होंने आशुतोष को पॉलिटिक्स छोड़ एक्टिंग करने की सलाह दी। जिसके बाद वे एक्टिंग करने लगे।

पिता चाहते थे आशुतोष पहलवान बनें

हालांकि, आशुतोष का रूझान बचपन से ही एक्टिंग की तरफ था। वे हर साल होने वाली रामलीला में रावण की भूमिका निभाया करते थे। जबकि उनके पिता चाहते थे कि आशुतोष राणा पहलवान बनें। लेकिन देवप्रकाश शास्त्री से मिलने के बाद आशुतोष अभिनय की दुनिया में चले गए। उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन ले लिया।

छोटे पर्दे से की करियर की शुरूआत 

NSD से निकलने के बाद आशुतोष ने कई नाटको में काम किया। इसके बाद उन्होंने अपने करियर की शुरूआत छोटे पर्दे से की। आशुतोष ने छोटे पर्दे पर काफी हिट शोज किये। इसके बाद साल 1995 में उन्होंने बॉलिवुड में डेब्यू किया। लेकिन उन्हें असली पहचान 1998 में आई फिल्म 'दुश्मन' से मिली। इस फिल्म में उन्होंने साइको किलर की भूमिका निभाई थी। इसके बाद साल 1999 में आई फिल्म 'संघर्ष' में उन्होंने 'लज्जा शंकर' की भूमिका को बखूबी निभाया। इस फिल्म में उनके अभिनय को देखकर दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए थे।

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जब महेश भट्ट ने राणा को फिल्म के सेट से बाहर निकलवा दिया

आशुतोष राणा के बारे में एक और कहानी काफी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि जब वे फिल्मों में करियर बनाने के लिए निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट से मिलने गए तो उन्होंने भारतीय परंपरा के अनुसार उनका पांव छू लिया। इस बात पर महेश भट्ट भड़क गए। उन्हें पैर छूने वालों से काफी नफरत थी। उन्होंने अपने सहयोगियों से कहकर आशुतोष राणा को फिल्म के सेट से बाहर निकलवा दिया।

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