Advertisment

Anokha Mandir: यहां हवा में लटका एक खंभा आज भी वैज्ञानिकों के लिए है रहस्य

author-image
Sonu Singh
Anokha Mandir: यहां हवा में लटका एक खंभा आज भी वैज्ञानिकों के लिए है रहस्य

Anokha Mandir: आंध्र प्रदेश का लेपाक्षी मंदिर जो 'हैंगिंग पिलर टेंपल' के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर बहुत ही अनोखा और अपने आप में बेहद रहस्यमयी भी है। इस मंदिर में कुल 70 खंभे हैं, जिसमें से एक खंभे का जमीन से जुड़ाव नहीं है। यह खंभा आज भी रहस्यमयी तरीके से हवा में लटका हुआ है।

Advertisment

आकाश स्तंभ के नाम से जाने जाते हैं खंभे
इस मंदिर के अनोखे खंभे आकाश स्तंभ के नाम से भी जाने जाते हैं। इसमें एक खंभा जमीन से करीब आधा इंच ऊपर उठा है। मान्यता है कि, खंभे के नीचे से कुछ निकाल लेने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इसी वजह से यहां आने वाले लोग खंभे के नीचे से कपड़ा निकालते हैं।

पहले जमीन  से जुड़ा था यह खंभा
ऐसा भी कहा जाता है कि, मंदिर का यह खंभा पहले जमीन से जुड़ा था, लेकिन एक ब्रिटिश इंजीनियर ने यह जानने के लिए कि यह मंदिर पिलर पर कैसे टिका है, इसे हिला दिया, तब से यह खंभा हवा में ही लटका हुआ है।

कुर्मासेलम की पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर कछुए की आकार में नजर आता है। विरुपन्ना और विरन्ना नाम के दो भाइयों ने इस मंदिर का निर्माण 16वीं सदी में कराया था। पौराणिक मान्यता ये भी है कि, ऋषि अगस्त्य ने इस मंदिर को बनवाया था।

Advertisment

इस मंदिर में इष्टदेव भगवान शिव के क्रूर रूप वीरभद्र हैं। वीरभद्र महाराज दक्ष के यज्ञ के बाद अस्तित्व में आए थे। इसके अलावा यहां भगवान शिव के अन्य रूप अर्धनारीश्वर, कंकाल मूर्ति, दक्षिणमूर्ति और त्रिपुरातकेश्वर भी मौजूद हैं। यहां विराजमान माता को भद्रकाली कहा जाता है।

इस मंदिर का जिक्र रामायण में भी मिलता है। यह वही जगह है, जहां जटायु रावण से युद्ध करने के बाद जख्मी होकर गिर गये थे और राम को रावण का पता बताया था। मंदिर में एक बड़ा पैर का निशान भी है, जिसे त्रेता युग का गवाह माना जाता है। कोई इसे भगवान राम तो कोई माता सीता के पैर का निशान मानते हैं।

Advertisment
चैनल से जुड़ें