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Guna News: सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम परिवार ने शादी के कार्ड पर छपवाया "श्री गणेशाय नमः"

Guna News: सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम परिवार ने शादी के कार्ड पर छपवाया "श्री गणेशाय नमः" An example of communal harmony, the Muslim family printed on the wedding card "Shree Ganeshay Namah"

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Bansal News
Guna News: सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम परिवार ने शादी के कार्ड पर छपवाया

गुना। प्रदेश के गुना जिले में एक मुस्लिम परिवार ने सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी मिसाल पेश की है कि उसके चर्चे सभी जगह हो रहे हैं। जहां प्रदेश में बुद्धिजीवी सांप्रदायिक मतभेद जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस कर रहे हैं, वहीं गुना जिले में रहने वाले एक मुस्लमि परिवार ने अपने यहां होने वाली शादी के कार्ड में गणेश भगवान की फोटो छपवाई है। इतना ही नहीं कार्ड में हिंदू मान्यताओं की तरह श्री गणेशाय नमः से निमंत्रण के शब्दों की शुरुआत की गई है। इस परिवार ने शादी के निमंत्रण कार्ड के एक तरफ प्रथम पूज्य भगवान गणेश की फोटो छपवाई है तो दूसरी तरफ 786 भी अंकित कराया है। अब मुस्लिम परिवार के सांप्रदायिक सौहार्द की चारों तरफ चर्चा हो रही है।

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दरअसल गुना जिले में आने वाली कुंभराज तहसील के कस्बे मृगवास में रहने वाले यूसुफ खान की बुधवार को शादी हुई है। यूसुफ ने अपनी शादी के निमंत्रण देने के लिए दो तरह के कार्ड छपवाए हैं। यूसुफ ने अपने हिंदू दोस्तों के लिए हिंदी में कार्ड छपवाए हैं। इस कार्ड में भगवान गणेश की फोटो के साथ श्री गणेशाय नमः लिखवाया गया है। यूसुफ ने मुस्लिम दोस्तों और रिश्तेदारों के उर्दू में भी कार्ड छपवाए हैं। अब गणेश भगवान की फोटो वाले कार्ड सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।

लोगों ने बनाया दबाव...
यूसुफ ने बताया कि मैं मुस्लिम हूं लेकिन हमारे यहां भेदभाव नहीं किया जाता। यूसुफ ने कहा कि जब बादल भेदभाव नहीं करता, वह हिंदू और मुस्लिम दोनों पर समान रूप से पानी बरसाता है। तो हम इंसानों को भी भेदभाव नहीं करना चाहिए। हालांकि यूसुफ के लिए यह फैसला इतना आसान नहीं रहा है। यूसुफ बताते हैं कि जब कार्ड छपवाए तो हमें रिश्तेदारों की तरफ से इस बात को लेकर दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं कई लोगों ने लड़की पक्ष पर रिश्ता तोड़ने के लिए भी दबाव बनाया है। यूसुफ ने कहा कि हमने तो अच्छा काम किया है, आगे अल्लाह की मर्जी है। बता दें कि यूसुफ बुधवार को दूल्हा बनकर निकाह करने के लिए पहुंचे। इस शादी में हिंदू और मुस्लिम दोनों की ही समुदाय के लोग शामिल हुए। यूसुफ ने बताया कि उन्होंने बचपन में गायत्री विद्या मंदिर में पढ़ाई की है। मैंने बचपन में रामायण और कुरान दोनों पढ़ी हैं।

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