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फीस एक्ट में कार्रवाई: राजधानी भोपाल के इन स्कूलों को लौटानी होगी बढ़ी हुई फीस, दो-दो लाख का जुर्माना भी लगेगा

Action on Bhopal Private School: फीस एक्ट के तहत भोपाल में पहली बार बड़े स्कूलों पर सख्त कार्रवाई हुई है। तगड़ा जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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Rahul Sharma
फीस एक्ट में कार्रवाई: राजधानी भोपाल के इन स्कूलों को लौटानी होगी बढ़ी हुई फीस, दो-दो लाख का जुर्माना भी लगेगा

हाइलाइट्स

  • फीस एक्ट के तहत भोपाल में बड़ी कार्रवाई
  • कैंपियन, चैतन्य टेक्नो समेत 4 स्कूलों पर कार्रवाई
  • बढ़ी हुई फीस 30 दिनों में पैरेंट्स को लौटाने के आदेश
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Action on Bhopal Private School: फीस एक्ट के तहत राजधानी भोपाल में बड़ी कार्रवाई हुई है। भोपाल के नामचीन स्कूलों पर प्रशासन का डंडा चला है।

चैतन्य टेक्नो और कैंपियन स्कूल समेत राजधानी भोपाल के 4 स्कूलों को पैरेंट्स से वसूली गई बढ़ी हुई फीस वापस लौटानी होगी।

इसके अलावा इन स्कूलों पर फीस एक्ट के प्रावधान के तहत 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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करोड़ों में हो सकती है राशि

जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल ने चारों स्कूलों को नोटिस जारी कर दिए हैं। 30 दिनों के अंदर इन्हें पेरेंट्स को बढ़ी हुई फीस वापस करनी है।

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इन चारों स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पैरेंट्स को लौटाई जाने वाली फीस करोड़ों में हो सकती है।

इसलिए की गई कार्रवाई

फीस एक्ट के तहत कोई भी स्कूल 10 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकता।

10 फीसदी फीस बढ़ाने से पहले भी सत्र शुरु होने से 90 दिन पहले इसकी जानकारी शासन को देना होगी।

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वहीं 10 फीसदी से अधिक फीस बढ़ाने के लिए शासन से अनुमति जरुरी होगी।

इन स्कूलों ने ऐसा न कर सीधे फीस बढ़ा दी। जांच में स्कूल दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।

तगड़ा जुर्माना भी लगेगा

चैतन्य टेक्नो स्कूल और कैंपियन स्कूल समेत चारों स्कूलों पर तगड़ा जुर्माना भी लगेगा।

ये जुर्माना फीस एक्ट की धारा 9 के तहत लगाया जाएगा। चारों स्कूलों पर दो दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

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7 दिनों में देना होगी सूची

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भोपाल से जारी नोटिस में ये स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों को पेरेंट्स को बढ़ी हुई फीस 30 दिनों के अंदर लौटाना होगी।

हालांकि इसकी पूरी सूची स्कूल प्रबंधन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को 7 दिनों के अंदर भेजेंगे। राशि करोड़ों में होने का अनुमान है।

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इससे पहले SPS पर हो चुकी है कार्रवाई

पैरेंट्स को पढ़ाई के नाम पर लूटने का यह पहला मामला नहीं है। कोरोनाकाल में आनलाइन स्विमिंग जैसे आयडिया को लेकर सागर पब्लिक स्कूल यानी एसपीएस ने भी कोई कम सुर्खियां नहीं बटोरी थी।

एसपीएस ने इस दौर में भी पेरेंट्स से जमकर फीस वसूली। उस दौर में भी फीस एक्ट था, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। पेरेंट्स मामले को लेकर हाईकोर्ट गए, तब जाकर पेरेंट्स को बढ़ी हुई फीस वापस मिली।

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कलेक्टर करेंगे मॉनीटरिंग

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि फीस एक्ट मध्य प्रदेश में पहले से लागू है। हमने प्रमुख सचिव के माध्यम से सभी कलेक्टर को एक पत्र जारी कराया है।

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कलेक्टर अपने जिले को मॉनीटर करेंगे और उनको लगता है कि कहीं अनियमितता है तो उसकी जांच करें और कार्रवाई करें।

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