राशन लेने वालों के काम की खबर: MP में अब आंखों की पहचान से मिलेगा राशन, अंगूठे की जरूरत नहीं, जानें कब से लागू होगी नई व्यवस्था

MP Ration Card News:चलते उन्हें हर महीने राशन मिलने में परेशानी आ रही है। सरकार ने इन राशन कार्ड धारकों के लिए दुकानों में POS मशीन के साथ आइरिस स्कैनर लगाने का फैसला किया है। जिससे राशनकार्ड धारकों की पहचान अब आंखों के जरिए भी हो सकेगी।

MP Ration Card News

MP Ration Card News: मध्यप्रदेश में उन राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जिनकी उंगुलियों और अंगूठे की रेखाएं घिस गई हैं। जिसके चलते उन्हें हर महीने राशन मिलने में परेशानी आ रही है। सरकार ने इन राशन कार्ड धारकों के लिए दुकानों में POS मशीन के साथ आइरिस स्कैनर लगाने का फैसला किया है। जिससे राशनकार्ड धारकों की पहचान आंखों के जरिए भी हो सकेगी।

यहां बता दें राशन दुकानों पर आइरिस स्कैनर नहीं होने से करीब 25 हजार लोग राशन लेने के लिए परेशान हो रहे हैं।

यह व्यवस्था भी होगी लागू

खाद्य विभाग के अफसरों के मुताबिक प्रदेशभर की राशन दुकानों पर लगी वजन तौलने की मशीनों को सीधे कम्प्यूटर और POS मशीन से जोड़ा जाएगा। जैसे ही दुकानदार आपके लिए अनाज तौलेगा, उसकी मात्रा अपने आप कम्प्यूटर में दर्ज हो जाएगी और दुकान के कुल स्टॉक से उतने अनाज की मात्रा घट जाएगी। इससे दुकानदार चाहकर भी राशनकार्ड धारकों को कम राशन नहीं दे पाएगा।

भोपाल में करीब 3 लाख राशन कार्डधारी

राजधानी भोपाल में 502 राशन दुकानें हैं और करीब 3 लाख कार्डधारी हैं। इनमें से 25 हजार पात्र हितग्राही ऐसे हैं, जिनके अंगूठे के निशान मशीन से मैच नहीं होने से उन्हें राशन लेने में हर महीने परेशानी होती है। वहीं प्रदेश की बात करें तो 25 हजार दुकानें हैं और 5 करोड़ से अधिक हितग्राही हैं। इन सभी को वर्तमान में POS मशीनों से राशन वितरण किया जाता है। हालांकि, सर्वर की दिक्कत और अंगूठे के निशान नहीं मिलने से कई बार राशनकार्ड धारकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

राशन तौलते ही आएगा मैसेज, पर्ची से होगी पुष्टि

नई व्यवस्था में जैसे ही हितग्राही को राशन तौलकर दिया जाएगा, उसके मोबाइल पर तत्काल एक SMS आएगा। इस मैसेज में हितग्राही को कितना गेहूं, चावल, शक्कर, नमक दिया गया है, उसकी पूरी जानकारी होगी। एसएमएस के साथ ही POS मशीन से एक प्रिंटेड पर्ची भी निकलेगी, जो राशन लेने वाले को दी जाएगी। इस डबल प्रूफ से सुनिश्चित होगा कि आपके साथ राशन वितरण के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं की गई है।

फेस रिकग्निशन, बल्क SMS की सुविधा

मोदी सरकार ने देशभर में राशन वितरण आधुनिक बनाने के निर्देश दिए थे। इसलिए विभाग ने फेस रिकग्निशन, कम्प्यूटर ऑपरेटेड वेइंग मशीन और बल्क SMS प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया। इसके लिए कमांड सेंटर पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।

इंदौर में 2020 से लगी है मशीन

प्रदेश में इंदौर एक मात्र ऐसा शहर है, जहां आइरिस स्कैनर लगा है। यहां खाद विभाग के ऑफिस में यह मशीन लगी है, जो 2020 में लगाई गई थी। बताते हैं यह मशीन कुष्ठ मरीजों के लिए लगाई गई थी। 
यहां बता दें, कुष्ठ मरीजों के अंगूठे स्कैन नहीं होते थे, जिससे उन्हें राशन मिलने में परेशानी होती थी। इसीलिए यह मशीन लगी थी।

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