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इंदौर। कोरोना महामारी के इस दूसरे प्रचंड दौर में मजदूरों में दहशत फैल गई है। महाराष्ट्र में काम करने वाले मजदूरों ने एक बार फिर बड़ी संख्या में पलायन करना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सख्ती बढ़ा दी गई है। इसके बाद यहां से मजदूर मप्र के रास्ते उप्र और बिहार समेत अन्य राज्यों की तरफ वापस लौटना शुरू कर चुके हैं। अप्रैल की महीने की तपती दोपहरी में मजदूरों ने मप्र की सीमा में प्रवेश करना शुरू कर दिया है।
मजदूरों के कई जत्थे बाइक और ऑटो से प्रदेश के बैतूल, सेंधवा-बड़ावानी जिलों में प्रवेश करना शुरू हो चुका है। महाराष्ट्र से आने वाले मजदूर इस रास्ते होते हुए यूपी, बिहार और झारखंड की तरफ पलायन कर रहे हैं। शहर में चलने वाले 200 सीसी रिक्शों और दोपहिया वाहनों पर किसी तरह अपना सामान समेटे मजदूरों के जत्थे एक बार फिर वापस जाते दिख रहे हैं। हाइवे पर 42 डिग्री गर्मी के बीच मजदूर तपती दोपहरी में सीएनजी पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाए खड़े दिख रहे हैं। इंदौर के एबी रोड बाइपास पर मजदूरों के ऐसे जत्थे देखे जा सकते हैं।
महाराष्ट्र में फैल रहा कोरोना संक्रमण
बता दें कि पिछले साल भी भरी गर्मी में जमदूरों का पलायन देखने को मिला था। इस दौरान काफी दुर्घटनाओं की खबरें भी देखने को मिली थी। इस साल भी एक बार फिर कोरोना महामारी के वही हालात देखने को मिल रहे हैं। डरे सहमे मजदूरों बताते हैं कि महाराष्ट्र में हाल ही में कोरोना की नई स्ट्रेन के बाद सख्ती बढ़ा दी गई है। वहीं कई शहरों में टोटल लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं कोरोना के मरीज भी आए दिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में आगे भी लॉकडाउन लगने का डर भी मजदूरों सता रहा है।
यहां पलायन करने वाले मजदूर बताते हैं कि पिछलेन साल की तरह शहरों में भूखे मरने की नौबद न आ जाए, इसलिए किसी तरह वापस अपने गांव लौटना चाहते हैं। बता दें कि महाराष्ट्र पूरे के देश राज्यों में कोरोना से सबसे ज्यादा संक्रमित है। महाराष्ट्र के पुणे, नागपुर, मुंबई और ठाणे में संक्रमण अपने चरम पर है। अगर देश की बात करें तो पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 1,45,384 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 794 लोगों ने इसके संक्रमण से दम तोड़ दिया है।