जबलपुर: हाथरस कांड में नकली भाभी राजाकुमारी बंसल के बारे में यूपी पुलिस, एलआईयू और एसआईटी के हांथ नई जानकारी हाथ लगी है। सूत्रों के मुताबिक नकली भाभी दो साल पहले आगरा के संजली हत्याकांड में मृतका के घर मौसी बनकर गई थीं। लेकिन वहां मंसूबे कामयाब ना होने के कारण वहां से भाग निकली।
इधर सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे वकील प्रशांत पटेल ने भी जबलपुर मेडिकल कॉलेज की सहायक प्रोफेसर राजकुमारी बंसल पर कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि डॉ बंसल इससे पहले भी विवादों में आ चुकी हैं। जिला चिकित्सालय डिंडोरी में ड्यूटी से अनुपस्थित होने के कारण राजकुमारी पर कार्रवाई भी की गई थी। इसके अलावा उन पर अधिकारियों को SC/ST Act में फंसाने के आरोप भी लगे थे।
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प्रशांत पटेल ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर लिखा है कि ‘नक्सली भाभी डॉ. राजकुमारी बंसल वाल्मीकि, नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में 10% से कम उपस्थित रहती हैं। 2 लाख सैलरी, मुफ्त आवास और अन्य भत्ते हैं। प्रिंसिपल से लेकर डीन सब इससे डरते हैं। उन पर उठ रहे सभी सवालों पर राजकुमारी ने सफाई दी है कि कोई भी कॉलेज का रिकॉर्ड देख सकता है। मैं अपना काम पूरी ईमानदारी से करती हूं। मैं दुखी थी, इसलिए वहां गई थी। अगर वे (हाथरस में पीड़ित के परिजन) दोबारा बुलाएंगे, तो फिर जाऊंगी।’
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नकली भाभी ने नकारे सभी आरोप
डॉ राजकुमारी ने खुद पर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि, हाथरस की घटना के बाद में 5 दिन से बहुद दुखी थीं। इस बात से परेशान होकर 4 अक्टूबर को ट्रेन से हाथरस पहुंची। इसके बाद दो दिन वहां पीड़िता के घर रुकीं। लेकिन सामान ना होने के कारण वहां से लौट आई। नकली भाभी ने बताया कि उसका 10 साल का बेटा भी है। आगे डॉ बंसल ने कहा कि मैंने कहीं नहीं कहा कि मैं पीड़ित लड़की की भाभी हूं। यह तो चैनल वाले बोल रहे थे। सफाई उनसे लें। जहां तक नक्सली कनेक्शन का आरोप है तो सरकार पहले साबित करे। फिर मैं खुद को साबित करूंगी।