लगभग 6000 कम्प्यूटर ऑपरेटरों पर गिर सकती है बेरोजगारी की गाज, मचा हड़कंप

भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त किए गए डाटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवा को खत्म करने के बाद अब शिक्षा विभाग (Education Department) में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों (Computer Operators) के सामने भी बेरोजगारी का खतरा मंडरा रहा है। इस आदेश को लेकर सभी कम्प्यूटर ऑपरेटर्स में हड़पंक मचा हुआ है।

सीपीसीटी  प्रमाण-पत्र जरूरी

हालांकि इसके पीछे की अभी सही वजह सामने नहीं आई है। जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने इस साल से सरकारी विभागों में कम्प्यूटर ऑपरेटिंग और टाइपिंग से जुड़ी सभी सरकारी सेवाओं में कम्प्यूटर प्रोफिशियंसी सर्टिफिकेशन टेस्ट (CPCT) का स्कोर कार्ड अनिवार्य कर दिया है। जिसके चलते अब विभागों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, एलडीसी, लिपिक और ऑफिस असिस्टेंट के पदों पर आवेदन करते समय अन्य योग्यताओं के साथ ही साथ अब सीपीसीटी का प्रमाण-पत्र जरूरी है।

वित्त विभाग ने सभी विभागों को खर्चों में कटौती के दिए आदेश

वहीं दूसरी ओर ये भी बात सामने आ रही है कि वित्त विभाग ने सभी विभागों को खर्चों में कटौती करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत स्कूली शिक्षा विभाग ने कम्प्यूटर ऑपरेटर्स के कॉंट्रैक्ट को खत्म करने के आदेश जारी किए हैं।
आपको बता दें यहां अलग-अलग विभागों में करीब 6 हजार से ज्यादा कम्प्यूटर ऑपरेटर काम कर रहे हैं। दरअसल कोरोना महामारी के बीच प्रदेश सरकार बड़े आर्थिक संकट की मार झेल रही है। ऐसे में शासन विभिन्न विभागों में छटनी कर खर्चों में कटौती करने का प्रयास कर रही है।

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