होम आइसोलेशन का पालन न करने पर लग सकता है 5 हजार का जुर्माना

धमतरी: कोरोना संक्रमण की स्थिति को ध्यान में रख कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने संक्रमण की चेन को रोकने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण भीड़-भाड़ वाले स्थल, परिवार, बाजारों में संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी नहीं बनाने अथवा कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों का पालन नहीं करने की वजह से फैलता है।

संक्रमण से बचने के लिए यह जरूरी है कि संक्रमित व्यक्ति से परिवार एवं पड़ोसी दूरी बनाएं और जागरूक रहें। इसके लिए व्यक्तिगत काउंसलिंग और सामूहिक जागरूकता पर कलेक्टर ने बल दिया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन तभी ठीक हो सकता है, जब संक्रमण की दर को कम किया जा सके। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, बाजार स्थल, मंडी, हाट-बाजार, बसों इत्यादि में गंभीर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि जिले में आगामी 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जागरूकता, सतर्कता एवं निगरानी से बिना लॉकडाउन के भी कोरोना संक्रमण के प्रभाव को रोका जा सकता है। उन्होंने इसके लिए विभिन्न प्रयास किए जाने संबंधी उपाय सुझाए हैं। जिसमें कई सुझाव मिले हैं उनमें से कुछ सुझाव बताए गए हैं-

व्यक्तिगत एवं पारिवारिक निगरानी रखनी होगी-

समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति को समझना होगा कि वह कोरोना संक्रमण से बचने के लिए व्यवहार में परिवर्तन करे। यदि किसी व्यक्ति को कोरोना संबंधी लक्षण जैसे सर्दी-खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो, तो वह सबसे पहले मास्क पहनकर नजदीक के टीकाकरण केन्द्र पहुँचकर अपना सैम्पल दे। इसके बाद स्वयं को आइसोलेट करे और परिवार से तत्काल अलग रहे।

होम आइसोलेशन का समुदाय द्वारा निगरानी-

जिले में बहुत से मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा प्रदाय की गई है, किन्तु बहुत से मरीज के परिवार वाले होम आइसोलेशन के कड़े नियमों के प्रति गंभीर नहीं हैं। बहुत से परिवार निगरानी दल को झूठी सूचना देते हैं, कि मरीज जिस कक्ष में रहता है, वहां अटैच लेट-बाथ है।

कलेक्टर ने साफ तौर पर निर्देशित किया कि यदि मरीज अथवा उसका परिवार होम आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं करता है, तो उनके ऊपर पांच हजार रूपए अर्थदण्ड लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रत्येक परिवार की निगरानी शासकीय कर्मचारियों द्वारा नहीं की जा सकती। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 15-20 वॉलिंटियर्स का चिन्हांकन करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।

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