FICCI सम्मेलन: पीएम मोदी बोले- ‘कृषि क्षेत्र में सुधारों से किसानों को नए विकल्पों और टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा’

Image Source: [email protected]

Annual Convention of FICCI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (Federation of Indian Chambers of Commerce & Industry-FICCI) के 93वे वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कोरोना वैक्सीन, नए कृषि कानूनों और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर भी बात की।

देश में जारी किसानों के आंदोलन के बीच कृषि कानूनों को लेकर पीएम मोदी ने कहा, एग्रीकल्चर सेक्टर और उससे जुड़े अन्य सेक्टर जैसे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर हो, फ़ूड प्रोसेसिंग, स्टोरेज या कोल्ड चैन हो इनके बीच हमने दीवारें देखी हैं। अब सभी दीवारें हटाई और अड़चनें हटाई जा रही हैं। इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नए बाजार, नए विकल्प मिलेंगे, टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, देश का कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक होगा। इन सबसे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा। इन सबका सबसे ज्यादा फायदा देश के किसान को होने वाला है।

देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बीते वर्षों में तेजी से काम किये गए है। उससे भारत का एग्रीकल्चर सेक्टर पहले से कहीं अधिक वाइब्रेंट हुआ है। आज भारत के किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ ही बाहर भी बेचने का विकल्प है। भारत मे मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है।इन सारे प्रयासों का लक्ष्य यही है कि किसानों की आय बढ़े, देश का किसान समृद्ध हो। जब देश का किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा।

भारत पर दुनिया का विश्वास और मजबूत हुआ-मोदी
कोरोना को लेकर पीएम मोदी ने कहा, इस महामारी के समय भारत ने अपने नागरिकों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों का जीवन बचाया। आज इसका नतीज़ा देश और दुनिया देख रही है। भारत ने जिस तरह बीते कुछ महीनों में एकजुट होकर काम किया, स्थितियों को संभाला है उसने पूरी दुनिया को चकित कर दिया। दुनिया का जो विश्वास बीते छह वर्षों में भारत पर बना था, वो बीते महीनों में और मजबूत हुआ है। FDI हो या FPI, विदेशी निवेशकों ने भारत में रिकॉर्ड निवेश किया है और निरंतर कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, अनुभव रहा है कि पहले के समय की नीतियों ने कई क्षेत्रों में अदक्षता को संरक्षण दिया, नए प्रयोग करने से रोका। जबकि आत्मनिर्भर भारत अभियान हर क्षेत्र में दक्षता को बढ़ावा देता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password