CG AMIT SHAH: शाह के दौरे से प्रदेश में सियासत हुई तेज, सबकी नजरों में छाया एक ही मुद्दा

CG AMIT SHAH: शाह के दौरे से प्रदेश में सियासत हुई तेज, सबकी नजरों में छाया एक ही मुद्दा

CG AMIT SHAH

RAIPUR: छत्तीसगढ़ में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच नक्सलवाद बनाम विकास की जंग देखने को मिलने वाली है शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे में इसकी झलक भी दिखी छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद बड़ा मुद्दा है शाह ने इस बात पर जोर दिया कि मोदी सरकार नक्सलवाद और आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है,अमित शाह ने ये भी कह डाला कि छत्तीसगढ़ में सरकार बदल दो यहां से भी नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा जिसे लेकर अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।

अमित शाह ने कहा जीरो टॉलरेंस

दरअसल केंद्रीय गृहमंत्री शनिवार को रायपुर दौरे पर आए हुए थे उन्होंने मोदी@20 किताब की उपलब्धियां बताइए तो वहीं दूसरी और उन्होंने कहा केंद्र और राज्य की मदद से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद कुछ जिलों में रह गया है लेकिन अगर आप छत्तीसगढ़ में सरकार बदल दोगे तो पूरी तरह से नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। सरकार बदलने की बात कहने पर सियासी बयानबाजी तेज हो चुकी है।

बस्तर पर है सबकी नजर

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बस्तर की 12 में से 11 सीट पर जीत दर्ज की थी दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सली हत्या के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली ऐसे में पूरे बस्तर से भाजपा का सफाया हो गया इससे पहले के तीन चुनाव का आंकड़ा देखें तो बस्तर की 12 में से आठ सीट पर भाजपा का कब्जा रहता था बस्तर को सत्ता की चाबी के रूप में देखा जाता है यही कारण है कि केंद्र सरकार के दस मंत्रियों ने आकांक्षी जिलों के विकास को परखने के लिए बस्तर का दौरा किया।

कांग्रेस के आने के बाद हुआ बदलाव

वर्ष 2018 की स्थिति में नक्सलियों का प्रभाव बस्तर के अलावा धमतरी,गरियाबंद, महासमुंद, कवर्धा, राजनांदगांव और रायगढ़ में फैल गया था ताड़मेटला, मदनवाड़ा और झीरम घाटी में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया इसमें सुरक्षा बल के जवानों के साथ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की हत्या हुई स्कूल, आश्रम बंद हो गए नक्सली आतंक के कारण बस्तर के 363 स्कूल बंद हो गए थे नक्सली खुलेआम पुल-पुलिया को उड़ा देते थे लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद विकास, विश्वास और सुरक्षा की त्रिवेणी कार्ययोजना ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव किया है अब नक्सलियों का प्रभाव सिर्फ दक्षिण बीजापुर, दक्षिण सुकमा, इंद्रावती नेशनल पार्क का क्षेत्र, अबूझमाड़ और कोयलीबेडा के क्षेत्र में सीमित हो गया है।

सीएम ने साधा निशाना

वही सीएम भूपेश बघेल ने कहा 15 साल बीजेपी को अवसर मिला नक्सलवाद चरम पर था वही समय है कि झीरम घाटी की घटना घटी हमारे नेता मारे गए 5 साल केंद्र और राज्य में इनकी ही सरकार इनको पूरा मौका मिला था फिर चुटकी बजाते ये नक्सलवाद खत्म क्यों नहीं करें हमारी सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पीछे हटा है।।

बरहाल नक्सलवाद को लेकर भरपूर सियासत छत्तीसगढ़ में देखने को मिली है लंबे समय से बस्तर नक्सलवाद का दंश झेल रहा है लेकिन कोई ठोस समाधान अब तक नहीं निकल पाया हालांकि कांग्रेस सरकार आने के बाद लगातार दावा करती आई है कि साढे 3 साल में नक्सली बस्तर से पीछे हटे हैं।

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