प्रदेश का प्रथम जिला बना शाजापुर, कलेक्टर ने किया स्मार्ट फर्टिलाईजर डिस्ट्रीबुशन एप का शुभारंभ

प्रदेश का प्रथम जिला बना शाजापुर, कलेक्टर ने किया स्मार्ट फर्टिलाईजर डिस्ट्रीबुशन एप का शुभारंभ

शाजापुर/आदित्य शर्मा : शाजापुर प्रदेश का प्रथम जिला बना है जहाँ कृषकों को फसल की पैदावार हेतु आवश्यक खाद की मांग एवं वितरण एप के माध्यम से होगी। एप के माध्यम से अपनी पसंद की खाद की मांग एवं उसके वितरण से कृषकों और समितियों को लाभ भी होगा। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर व प्रशासक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दिनेश जैन ने स्मार्ट फर्टिलाईजर डिस्ट्रीबुशन एप का शुभारंभ किया। इस दौरान एडीएम श्रीमती मिशा सिंह (आईएएस), उपायुक्त सहकारिता ओ.पी गुप्ता, सीसीबी सीईओ के.के रायकवार, उप संचालक कृषि कमल यादव, सुश्री अशका विजयवर्गीय भी मौजूद रही।

publive-image

कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि इस एप के माध्यम से किसान अपनी पसंद की खाद डिमांड कर सकते है और उसे प्राप्त कर सकते है। उन्हाैने बताया कि यह एप चलाना भी बहुत ही सरल व इसकी मातृभाषा हिन्दी में है। कलेक्टर व प्रशासक श्री जैन ने बताया कि कृषकों को खाद प्राप्त करने के लिए मोबाईल पर ही सूचना मिलेगी और एप के माध्यम से ही कौन-कौन सी खाद बुक की है यह भी देख सकते है।उन्हौने बताया कि कृषक अपने घर बैठे-बैठे एप के माध्यम से खाद की मांग भेज सकते है।

publive-image

सोसायटी में कौन-कौन सी खाद उपलब्ध है इसकी जानकारी भी मिलती रहेगी और साथ ही कृषक को समय की बर्बादी भी नहीं होगी। कलेक्टर व प्रशासक श्री जैन ने बताया कि समय पर मांग भेजने के साथ किसानो को सुविधा होगी कि कितने रकबे में कितना खाद लगेगा, गणना भी ऑटोमेटिक होगी। साथ ही इस एप के माध्यम से खाद प्राप्ति हेतु कब सोसायटी जाना है, इसकी सूचना भी मिलेगी। इसमें छोटे कृषकों को प्रथमिकता मिलेगी और सोसायटी में परमिट बनने में लगने वाले समय की बचत होंगी साथ ही परमिट भीऑटोमेटिक बनेंगा।

publive-image

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सीईओ के.के.रायकवार ने बताया कि कृषकों को सूचना देकर बुलाया जायेगा। समय की बचत के साथ कृषकों को खाद परमीट, मात्रा एवं कीमत कम्प्यूटर प्रिंट के माध्यम से मिलेंगी, जिससे परमिट बनाने में लगने वाले समय की बचत भी होगी। उन्हाैने ने बताया कि इस एप के माध्यम से कृषक एवं सोसायटी के बीच सीधा सम्पर्क होगा वहीं विपणन संघ को सिधे समिती में खाद की आवश्यकता की जानकारी मिलेंगी और एप के माध्यम से समितीयों में खाद की वास्तविक मांग का पता भी चल सकेगा।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article