Yogi Visit Kairana: पलायन कर वापस लौटे परिवारों से सीएम ने की मुलाकात, किया मुआवजे का ऐलान..

Yogi Visit Kairana: पलायन कर वापस लौटे परिवारों से सीएम ने की मुलाकात, किया मुआवजे का ऐलान..Yogi Visit Kairana: CM met the families who had returned after fleeing, announced compensation ..

Yogi Visit Kairana: पलायन कर वापस लौटे परिवारों से सीएम ने की मुलाकात, किया मुआवजे का ऐलान..

कैराना। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली जिले के कैराना कस्बे में कथित रूप से परेशान किए जाने के कारण पलायन करने के बाद वापस लौटे परिवारों से सोमवार को मुलाकात की और उन्हें मुआवजा देने का ऐलान भी किया। योगी ने कैराना में वापस लौटे परिवारों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कैराना कभी औद्योगिक केन्द्र होने के साथ-साथ शास्त्रीय संगीत का भी एक केंद्र माना जाता था, मगर 1990 के दशक के शुरू में राजनीति के अपराधीकरण और पेशेवर अपराधियों के राजनीतिकरण का दुष्परिणाम कैराना और कांधला जैसे कस्बों ने झेला है।

उन्होंने कहा, ''हिंदू व्यापारियों और अन्य हिंदुओं को व्यापक पैमाने पर प्रताड़ित करके यहां से पलायन करने को मजबूर कर दिया गया था। 2017 के बाद अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सरकार ने जो कार्रवाई की थी उसके परिणामस्वरूप इस कस्बे में शांति व्याप्त हुई और बहुत से परिवार वापस आए हैं।'' योगी ने कहा, ''पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में जिन परिवारों को नुकसान पहुंचाया गया था, उनके परिवार के सदस्यों की निर्मम हत्या हुई थी... मैंने प्रशासन से इसकी रिपोर्ट मांगी है। उसमें से बहुत से दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। सरकार पीड़ितों को कुछ मुआवजा भी देगी जिससे वे लोग फिर से अपने व्यवसाय तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ा सकें।''

योगी ने कैराना लौटे परिवारों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद थे। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में भाजपा ने कैराना कस्बे से बड़े पैमाने पर बहुसंख्यक समुदाय के लोगों के पलायन का आरोप लगाते हुए इसे प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल किया था। उस वक्त यह मामला खूब सुर्खियों में आया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में उनकी सरकार बनने पर कैराना के लोगों ने मांग की थी कि सुरक्षा की दृष्टि से यहां की पुलिस चौकी के सुदृढ़ीकरण और यहां पर पीएसी की एक बटालियन की स्थापना की जाए। चौकी के सुदृढ़ीकरण की कार्रवाई पहले ही हो चुकी थी और यहां पर पीएसी बटालियन की स्थापना की कार्यवाही के लिए वह खुद यहां आये हैं। उन्होंने दावा किया कि कैराना लौटे परिवारों में अब एक विश्वास जगा है। सरकार ने यहां के हर एक परिवार को आश्वस्त किया है कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्य कर रही थी, वह रणनीति निरंतर आगे भी चलेगी।

योगी ने कहा कि अब कैराना कस्बा आपराधिक गतिविधियों का गढ़ नहीं बल्कि विकास की प्रक्रिया के साथ तेजी से आगे बढ़ा है। बहुत से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार भेदभाव और तुष्टिकरण किये बगैर सबको शासन की योजनाओं का लाभ देगी। यह पूछे जाने पर कि पिछली बार भी वह चुनाव के समय ही यहां आए थे और इस बार भी जब चुनाव नजदीक है, वह कैराना आए हैं, क्या यह राजनीतिक ‘स्टंट’ नहीं है, योगी ने कहा, ''अभी चुनाव नहीं है। मेरा यह दायित्व बनता है कि हर पीड़ित व्यक्ति से मिलूं और पीड़ित अगर हिंदू है तो उससे मिलना कोई गुनाह नहीं है।''

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