येदियुरप्पा ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद कहा : कैबिनेट में फेरबदल पर ‘अच्छी खबर’ जल्द

नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 10 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद रविवार को संकेत दिया कि राज्य में कैबिनेट का बहुप्रतीक्षित विस्तार जल् हो सकता है।

बहरहाल येदियुरप्पा ने इन सवालों का जवाब नहीं दिया कि वह अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे अथवा नहीं, क्योंकि इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी में असंतोष के बाद राज्य नेतृत्व में बदलाव की संभावना है।

शाह के साथ दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई एक घंटे की बैठक के दौरान कर्नाटक भाजपा के प्रभारी अरुण सिंह भी मौजूद थे।

येदियुरप्पा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘कैबिनेट विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। आपको जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी।’’

सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट में फेरबदल 20 जनवरी से पहले होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट के विस्तार पर यह ‘अंतिम बैठक’ थी और अंतिम नामों को जल्द मंजूरी मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा सकारात्मक, उपयोगी और संतोषजनक रही। मैं चर्चा से खुश हूं…हम उनके निर्देशों का इंतजार करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने अपने समर्थन का भरोसा दिया।

राज्य में कुल 34 मंत्री हो सकते हैं और वर्तमान में 27 मंत्री हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या यह कैबिनेट विस्तार पर वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ आखिरी बैठक थी, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘101 प्रतिशत यह आखिरी बैठक थी। वह नामों को जल्द ही मंजूरी देंगे।’’

राज्य में कैबिनेट विस्तार लगभग एक वर्ष से चर्चाओं में हैं लेकिन यह हो नहीं रहा है, इससे मंत्री पद के आकांक्षियों में उत्सुकता बढ़ने के साथ ही उनमें असंतोष भी पनप रहा है।

यह पूछने पर कि क्या उन्हें विश्वास है कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे तो येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘इस सवाल का आप ही जवाब दे पाएंगे।’’

साथ ही येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने कुछ नाम सुझाये और विश्वास जताया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस पर सकारात्मक तरीके से प्रतिक्रिया देगा।

यह पूछे जाने पर कि यह एक कैबिनेट विस्तार होगा या फेरबदल, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब वे सूचित करेंगे तो आपको पता चलेगा।’’

सरकार के कामकाज को लेकर विधायकों के एक धड़े और कुछ मंत्रियों में असंतोष की खबरों के बीच मुख्यमंत्री ने हाल में दो दिनों के लिए पार्टी विधायकों के साथ क्षेत्रवार बैठक की।

राज्य के मंत्रियों ने मंगलवार को बताया था कि भाजपा के सभी 118 विधायकों ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के नेतृत्व में विश्वास जताया और कहा कि सरकार स्थिर है।

बहरहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ रविवार को येदियुरप्पा की बैठक में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा हुई अथवा नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट फेरबदल के अलावा राज्य में दो विधानसभा सीटों और एक संसदीय सीट के लिए होने वाले आगामी उपचुनावों पर भी चर्चा हुई।

येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे मंजूरी के लिए उम्मीदवारों के नाम जल्द भेजने के लिए कहा।’’

उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने उन्हें तीनों सीटों पर पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।

उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हाल ही में ग्राम पंचायत चुनाव के परिणामों पर खुशी जतायी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आज रात ही बेंगलुरु लौटेंगे।

येदियुरप्पा के बेटे और राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने भी कहा कि कैबिनेट विस्तार पर चर्चा पूरी हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कैबिनेट फेरबदल पर अब और चर्चा नहीं होगी। सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है।’’

विजयेंद्र मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली आए लेकिन वह भाजपा नेताओं के साथ बैठक में मौजूद नहीं थे।

कैबिनेट में फेरबदल मुख्यमंत्री के लिए कठिन परीक्षा है क्योंकि मंत्री पद के आकांक्षियों की संख्या काफी ज्यादा है जिनमें पार्टी के पुराने नेताओं से लेकर भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस और जद (एस) के नेता शामिल हैं।

मंत्री पद की दौड़ में विधायक उमेश कट्टी, मुनिरत्न, बासनगौड़ा पाटिल यतनाल, एम पी रेणुकाचार्य, अरविंद लिंबावली और एस आर विश्वनाथ शामिल हैं। तीन एमएलसी – सी पी योगेश्वर, एम टी बी नागराज और आर शंकर भी मंत्री पद की आकांक्षा रखते हैं।

एक अन्य एमएलसी ए एच विश्वनाथ भी इस दौड़ में थे लेकिन उनकी उम्मीदें तब धराशायी हो गईं जब 30 नवंबर को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस साल कम से कम मई तक उनके मंत्री बनने पर रोक लगा दी।

मास्की और बसवकल्याण विधानसभा क्षेत्रों और बेलगावी लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं।

साल 2019 में कांग्रेस विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल के इस्तीफे के कारण मास्की सीट खाली हुई थी, जबकि बी नारायण राव और सुरेश अंगड़ी की मृत्यु के कारण बसवकल्याण और बेलगावी सीटों पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया है।

भाषा नीरज नीरज दिलीप

दिलीप

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येदियुरप्पा ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद कहा : कैबिनेट में फेरबदल पर ‘अच्छी खबर’ जल्द

नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 10 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद रविवार को संकेत दिया कि राज्य में कैबिनेट का बहुप्रतीक्षित विस्तार जल् हो सकता है।

बहरहाल येदियुरप्पा ने इन सवालों का जवाब नहीं दिया कि वह अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे अथवा नहीं, क्योंकि इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी में असंतोष के बाद राज्य नेतृत्व में बदलाव की संभावना है।

शाह के साथ दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई एक घंटे की बैठक के दौरान कर्नाटक भाजपा के प्रभारी अरुण सिंह भी मौजूद थे।

येदियुरप्पा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘कैबिनेट विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। आपको जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी।’’

सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट में फेरबदल 20 जनवरी से पहले होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट के विस्तार पर यह ‘अंतिम बैठक’ थी और अंतिम नामों को जल्द मंजूरी मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा सकारात्मक, उपयोगी और संतोषजनक रही। मैं चर्चा से खुश हूं…हम उनके निर्देशों का इंतजार करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने अपने समर्थन का भरोसा दिया।

राज्य में कुल 34 मंत्री हो सकते हैं और वर्तमान में 27 मंत्री हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या यह कैबिनेट विस्तार पर वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ आखिरी बैठक थी, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘101 प्रतिशत यह आखिरी बैठक थी। वह नामों को जल्द ही मंजूरी देंगे।’’

राज्य में कैबिनेट विस्तार लगभग एक वर्ष से चर्चाओं में हैं लेकिन यह हो नहीं रहा है, इससे मंत्री पद के आकांक्षियों में उत्सुकता बढ़ने के साथ ही उनमें असंतोष भी पनप रहा है।

यह पूछने पर कि क्या उन्हें विश्वास है कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे तो येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘इस सवाल का आप ही जवाब दे पाएंगे।’’

साथ ही येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने कुछ नाम सुझाये और विश्वास जताया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस पर सकारात्मक तरीके से प्रतिक्रिया देगा।

यह पूछे जाने पर कि यह एक कैबिनेट विस्तार होगा या फेरबदल, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब वे सूचित करेंगे तो आपको पता चलेगा।’’

सरकार के कामकाज को लेकर विधायकों के एक धड़े और कुछ मंत्रियों में असंतोष की खबरों के बीच मुख्यमंत्री ने हाल में दो दिनों के लिए पार्टी विधायकों के साथ क्षेत्रवार बैठक की।

राज्य के मंत्रियों ने मंगलवार को बताया था कि भाजपा के सभी 118 विधायकों ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के नेतृत्व में विश्वास जताया और कहा कि सरकार स्थिर है।

बहरहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ रविवार को येदियुरप्पा की बैठक में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा हुई अथवा नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट फेरबदल के अलावा राज्य में दो विधानसभा सीटों और एक संसदीय सीट के लिए होने वाले आगामी उपचुनावों पर भी चर्चा हुई।

येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे मंजूरी के लिए उम्मीदवारों के नाम जल्द भेजने के लिए कहा।’’

उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने उन्हें तीनों सीटों पर पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।

उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हाल ही में ग्राम पंचायत चुनाव के परिणामों पर खुशी जतायी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आज रात ही बेंगलुरु लौटेंगे।

येदियुरप्पा के बेटे और राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने भी कहा कि कैबिनेट विस्तार पर चर्चा पूरी हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कैबिनेट फेरबदल पर अब और चर्चा नहीं होगी। सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है।’’

विजयेंद्र मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली आए लेकिन वह भाजपा नेताओं के साथ बैठक में मौजूद नहीं थे।

कैबिनेट में फेरबदल मुख्यमंत्री के लिए कठिन परीक्षा है क्योंकि मंत्री पद के आकांक्षियों की संख्या काफी ज्यादा है जिनमें पार्टी के पुराने नेताओं से लेकर भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस और जद (एस) के नेता शामिल हैं।

मंत्री पद की दौड़ में विधायक उमेश कट्टी, मुनिरत्न, बासनगौड़ा पाटिल यतनाल, एम पी रेणुकाचार्य, अरविंद लिंबावली और एस आर विश्वनाथ शामिल हैं। तीन एमएलसी – सी पी योगेश्वर, एम टी बी नागराज और आर शंकर भी मंत्री पद की आकांक्षा रखते हैं।

एक अन्य एमएलसी ए एच विश्वनाथ भी इस दौड़ में थे लेकिन उनकी उम्मीदें तब धराशायी हो गईं जब 30 नवंबर को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस साल कम से कम मई तक उनके मंत्री बनने पर रोक लगा दी।

मास्की और बसवकल्याण विधानसभा क्षेत्रों और बेलगावी लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं।

साल 2019 में कांग्रेस विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल के इस्तीफे के कारण मास्की सीट खाली हुई थी, जबकि बी नारायण राव और सुरेश अंगड़ी की मृत्यु के कारण बसवकल्याण और बेलगावी सीटों पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया है।

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