येदियुरप्पा ने कर्नाटक की राजनीति पर चर्चा करने के लिए अमित शाह से मुलाकात की

नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 10 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने राज्य की राजनीति पर चर्चा करने और राज्य में आगामी उपचुनाव के लिए भाजपा का उम्मीदवार तय करने को लेकर रविवार को यहां गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। येदियुरप्पा एक दिन के दौरे पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं।

येदियुरप्पा ने इससे पहले बेंगलुरु में दिल्ली रवाना होने से पहले संकेत दिया था कि उनकी मुलाकात के दौरान राज्य में बहुप्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल पर भी चर्चा हो सकती है।

येदियुरप्पा ने दिल्ली पहुंचने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करूंगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में हमने ग्राम पंचायत चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। एक महीने के भीतर हम संसदीय उपचुनाव और विधानसभा उपचुनाव का सामना करने जा रहे हैं। हमें उम्मीदवार तय करने हैं। हम इन सभी मुद्दों पर अमित शाह और अन्य प्रमुख नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।’’

भाजपा नेता येदियुरप्पा ने कहा कि गृह मंत्री के साथ मुलाकात का समय तय है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा से भी मुलाकात करने का प्रयास करेंगे।

राज्य में कोविड-19 के प्रसार पर रोक के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कर्नाटक में कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है। हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं।’’

इससे पहले बेंगलुरु हवाई अड्डा से रवाना होने से पहले उन्होंने संकेत दिया था कि पार्टी आलाकमान के साथ उनकी चर्चा के दौरान कैबिनेट विस्तार का मुद्दा भी आ सकता है।

हवाई अड्डे पर संवाददाताओं द्वारा यह पूछने पर कि क्या कैबिनेट फेरबदल इस सप्ताह होने की संभावना है तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता। मैं सभी मुद्दों पर चर्चा करूंगा।’’

राज्य में कैबिनेट विस्तार लगभग एक वर्ष से चर्चाओं में हैं लेकिन यह हो नहीं रहा है, इससे मंत्रिपद के आकांक्षियों में उत्सुकता बढ़ने के साथ ही उनमें असंतोष भी पनप रहा है।

मंत्री पद की दौड़ में विधायक उमेश कट्टी, मुनिरत्न, बासनगौड़ा पाटिल यतनाल, एम पी रेणुकाचार्य, अरविंद लिंबावली और एस आर विश्वनाथ शामिल हैं। तीन एमएलसी – सी पी योगेश्वर, एम टी बी नागराज और आर शंकर भी मंत्री पद की आकांक्षा रखते हैं।

एक अन्य एमएलसी ए एच विश्वनाथ भी इस दौड़ में थे लेकिन उनकी उम्मीदें तब धराशायी हो गईं जब 30 नवंबर को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस साल कम से कम मई तक उनके मंत्री बनने पर रोक लगा दी।

राज्य में कुल 34 मंत्री हो सकते हैं और वर्तमान में 27 मंत्री हैं।

मास्की और बसवकल्याण विधानसभा क्षेत्रों और बेलगावी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव होने हैं।

साल 2019 में कांग्रेस विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल के इस्तीफे के कारण मास्की सीट खाली हुई थी, जबकि बी नारायण राव और सुरेश अंगड़ी की मृत्यु के कारण बसवकल्याण और बेलगावी सीटों पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया है।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा था, ‘‘मैं पार्टी हाईकमान के साथ अन्य सभी मुद्दों पर चर्चा करूंगा और रात्रि में वापस लौटना चाहता हूं।’’

भाषा. अमित दिलीप

दिलीप

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