Year Ender 2022: साल 2022 की टॉप 10 इंटरनेशनल खबरें, जो रही सुर्खियों में

Year Ender 2022: साल 2022 की टॉप 10 इंटरनेशनल खबरें, जो रही सुर्खियों में

Year Ender 2022 : साल 2022 जाने वाला है और नया साल 2023 आने वाला है। 2022 को लोगों ने कोरोना वायरस के डर के साए में जिया, तो कई ऐसी घटनाए सामने आई जिनको जानकर लोगों को दिल दहल उठा, वैष्णो देवी धाम की भगदड़, फिल्मी सितारों का अलविदा कहना, श्रद्धा हत्याकांड ने तो लोगों के रोमटे ही खड़े कर दिए। ऐसी कई घटनाओं से भरा रहा साल 2022… साल 2022 में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कई खबरे चर्चा में बनी रही। आज हम आपको साल 2022 में सुर्खियों में बनी टॉप 10 इंटरनेशनल खबरों के बारे में बताने जा रहे है। जिन्हें सबसे ज्यादा सर्च भी किया गया।

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1. रूस ने यूक्रेन के खिलाफ स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन के नाम पर जंग छेड़ दी। 24 फरवरी से यूक्रेन की राजधानी कीव समेत देशभर में हवाई हमले शुरू हो गए। रूस यूक्रेन के NATO का सदस्य बनने के खिलाफ है। जब यूक्रेन नहीं माना और NATO की सदस्यता लेने पर अड़ा रहा तो उसे सबक सिखाने के लिए राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। जंग के चलते यूक्रेन से लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा। पड़ोसी देशों में बड़ी संख्या में यूक्रेन के नागरिकों को शरण ली। हजारों यूक्रेनी और रूसी सैनिक समेत बड़ी संख्या में आमलोग जंग में मारे जा चुके हैं।

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2. श्रीलंका में राजपक्षे परिवार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते अर्थव्यवस्था संकट में फंस गई। खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छूने लगे। जिसके खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे मालदीव भाग गए और अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद रानिल विक्रमसिंघे देश के अगले राष्ट्रपति चुने गए। लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और विदेशी मुद्रा की कमी के चलते लोगों के जीवन स्तर में भारी गिरावट आई। पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छूने लगे।

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3. ईरान का हिजाब विरोधी आंदोलन साल भर सुर्खियों में रहा। 22 साल की महसा अमीनी के हिजाब नहीं पहनने पर उन्हें मॉरल पुलिस ने इतना प्रताड़ित किया। कि उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद ईरान में हिजाब विरोधी आंदोलन ने जोर पकड़ लिया। देश भर में महिलाओं ने बाल काटे और हिजाब को आग के हवाले करने लगी। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता खामनेई से इस्तीफे की मांग होनी लगी। वहीं इस विद्रोह को दबाने के दौरान कई लोगों की मौत हो गई। कई गिरफ्तारी हुई तो कई प्रदर्शनकारियों को फांसी दे दी गई।

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4. चीन की कोरोना के खिलाफ जीरो कोविड पॉलिसी पूरे साल चर्चा और विवादों में रही। सरकारी सख्ती के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोरोना संक्रमण के मामले जरुर थमे लेकिन लंबे समय तक सख्त लॉकडाउन से लोगों की जिंदगी थम सी गई और इसके खिलाफ विद्रोह की चिंगारी फूट पड़ी। देशभर में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। जिसका दमन भी हुआ। हालांकि शी जिनपिंग की सरकार को आखिरकार विद्रोह के आगे झुकना पड़ा। जीरो कोविड पॉलिसी से जुड़ी सख्ती खत्म की गई। लेकिन इसके बाद चीन में कोरोना का जबरदस्त विस्फोट हुआ। लाखों लोग संक्रमित हुए और हजारों लोगों की कोरोना के चलते जान जा चुकी है।

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5. जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की 8 जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई। शिंजो आबे जापान के नोरा शहर में चुनावी भाषण दे रहे थे। इसी दौरान एक शख्स ने उन्हें गोल मार दी। पुलिस ने मौके पर ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। शिंजो आबे की हत्या से पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई। आबे जापान का प्रधानमंत्री रहते कई बार भारत आए थे। भारत में उनके निधन पर एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई। पीएम मोदी ने आबे के निधन पर दुख प्रकट करते हुए कहा, कि भारत ने अपना एक सच्चा दोस्त खो दिया।

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6. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के आजादी मार्च के दौरान उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। रैली के दौरान एक हमलावर ने उन पर गोल चला दी। लेकिन उसका निशाना चूक गया और गोली इमरान के पैर में जाकर लगी। जिससे वो घायल हो गए। हमलावर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान देश में नए सिरे से आम चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर जारी उनके आजादी मार्च में उन पर हमला हो गया। वहीं पाकिस्तान में इस साल आई बाढ़ के चलते एक तिहाई पाकिस्तान डूब गया। ग्यारह सौ से ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। करीब तीन करोड़ से ज्यादा लोग बेघर हो गए। सिंध से लेकर बलूचिस्तान तक हर जगह तबाही और बर्बादी के निशान देखने को मिले। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक बाढ़ से देश की अर्थव्यवस्था को करीब 10 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।

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7. ब्रिटेन की सियासत के लिए साल 2022 भारी उथल-पुथल से भरा रहा। बोरिस जॉनसन के खिलाफ उन्हीं के मंत्रियों ने बगावत कर दी। जिसके चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। कंजर्वेटिव पार्टी ने लंबी चुनावी प्रक्रिया के बाद लिज ट्रस को प्रधानमंत्री चुना लेकिन गलत आर्थिक नीतियों से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था संकट में फंस गई। महज 2 महीने के अंदर लिज ट्रस को पीएम का पद छोड़ना पड़ा। जिसके बाद भारतवंशी ऋषि सुनक का प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हुआ। ऋषि सुनक ब्रिटेन का पीएम बनने वाले पहले हिंदू और भारतवंशी बने।

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8. ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ- II का 8 सितंबर को 96 साल की उम्र में निधन हो गया। क्वीन एलिजाबेथ ब्रिटेन पर सबसे लंबे समय तक राज करने वाली साम्राज्ञी थीं। ब्रिटेन की महारानी के पद पर उनकी ताजपोशी साल 1952 में हुई थी। वो 70 साल तक इस पद पर बनी रहीं। सिर्फ 25 साल की उम्र में ब्रिटेन की राजगद्दी संभालने वाली एलिजाबेथ ने तीन बार भारत का दौरा किया था। 1961, 1983 और 1997 में वो भारत आई थीं। उनके निधन पर भारत सरकार ने 11 सितंबर को राष्ट्रीय शोक का एलान
किया।

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9. भारत को एक दिसंबर से अगले एक साल के लिए G20 की अध्यक्षता मिली। इंडोनेशिया के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को G20 की अध्यक्षता सौपी। G20 दुनिया के विकसित और विकासशील देशों का समूह है। G20 में शामिल देश दुनिया की 85 फीसदी अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसका शिखर सम्मेलन भारत में होगा पीएम मोदी ने इसे भारत के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा। कि जी-20 की अध्यक्षता बड़ा अवसर बनकर आई है। हमें इस मौके का इस्तेमाल करते हुए विश्व कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना है।

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10. NASA करीब 53 साल बाद एक बार फिर इंसान को चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है। इसी मकसद से उसने अपना मून मिशन आर्टिमिस-1 लॉन्च किया। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से 15 नवंबर को आर्टिमिस-1 ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। आर्टेमिस 1 की यात्रा का मकसद ये जानना था। कि चांद का सफर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए कितना सुरक्षित है। दरअसल नासा 2024 तक इंसान को चांद पर भेजना चाहता है। जिसकी तैयारी के लिए मानव रहित आर्टिमिस-1 मिशन लॉन्च किया गया। आर्टिमिस-1 ने चांद के आसपास 24 दिन बिताए फिर धरती पर वापस लौट आया।

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