यमुना झाग: दिल्ली सरकार ने नौ सूत्री कार्य-योजना तैयार की

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने सीधे जल मल बहाये जाने के कारण यमुना में झाग बनने से रोकने के लिए नौ सूत्री कार्य-योजना तैयार की है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने इस योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत नदी में अनुपचारित अपशिष्ट जल के निर्वहन को रोकने के लिए दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली विकास प्राधिकरण और नगर निगमों सहित विभिन्न एजेंसियों को पूरा करने के लिए कुछ कार्य दिए गए हैं।

योजना के अनुसार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को अपने ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट’ (एसटीपी) को डीपीसीसी द्वारा निर्धारित मानकों के तहत उन्नत बनाने को कहा गया है, ताकि ‘नजफगढ़ ड्रेन’ और ‘हिंडन कट कैनल’ के माध्यम से यमुना में प्रवेश करने वाले अपशिष्ट जल से निपटा जा सके।

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार हरियाणा और उत्तर प्रदेश से यमुना में आने वाला अनुपचारित जल मल नदी के पानी में अमोनिया के स्तर को बढ़ा देता है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है।

योजना के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग को ओखला बैराज से 31 मार्च तक जलकुंभी हटाने का काम सौंपा गया है।

भाषा निहारिका उमा

उमा

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