World Press Freedom Day 2021: जानिए हम क्यों मनाते हैं विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस, इसके पीछे का क्या है मकसद

World Press Freedom Day 2021

नई दिल्ली। 3 मई यानी की आज के दिन दुनिया में प्रेस स्वतंत्रता दिवस (World Press Freedom Day) मनाया जाता है। इस दिन प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं होती हैं। खासकर भारत में प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। लेकिन कई देश ऐसे भी हैं जहां प्रेस की स्वतंत्रता नहीं है। देश के प्रति खतरे के नाम पर प्रेस को बैन कर दिया जाता है और लोगों तक सही जानकारी नहीं पहुंचने दिया जाता। ऐसे में दुनिया भर में प्रेस की आजादी को सम्मान देने और उसके महत्व को रेखांकित करने के लिए 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

मीडिया की खासियत

आधुनिक युग में प्रेस के कई रूप हैं। जैसे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, इंटरनेट मीडिया आदि। हम आज भारत में मीडिया को जितना भी बुरा-भला
कह दें। लेकिन यह सच है कि हम आज जितनी तेजी से सुचनाओं का आदान-प्रदान कर पाते हैं, उसके पीछे भारतीय मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान है। आजादी की लड़ाई में भी मीडिया ने अहम भूमिका निभाई थी। आज आप दूर दराज इलाकों में बैठकर देश-दुनिया में क्या हो रहा है यह देख पाते हैं, इसके पीछे भी मीडिया का ही हाथ है। अगर मीडिया ना हो तो आप सूचनाओं से वंचित रह जाएंगे और आपको पता भी नहीं चल पाएगा कि आपसे 10KM दूर कोई घटना भी घटी है।

क्यों मनााया जाता है प्रेस स्वतंत्रता दिवस

प्रेस स्वतंत्रता दिवस को यूनिस्को इस मकसद से मनाता है ताकि सरकारों को यह याद दिलाया जाए कि उन्हें प्रेस की आजादी के प्रति प्रतिबद्ध रहना है और सम्मान करने की जरूरत है। साथ यह दिन मीडिया कर्मी, पत्रकारों को भी प्रेस की आजादी को याद दिलाने का दिन है। ताकि वो किसी भी दवाब में आकर काम ना करें। यह दिन मीडिया के उन लोगों के समर्थन के लिए है जो प्रेस और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए काम करते हुए विरोध और जुल्म का शिकार हुए हैं।

क्या है इस बार की थीम

यूनिस्को ने साल 2021 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘लोगों के अच्छे के लिए सूचना’ (Information as a Public Good) रखी है। जानकारी का लोगों के भले के लिए आनंद लिए जाने के महत्व दिया जाए। पत्रकारिता की विषयवस्तु को मजबूत करने के लिए उसके उत्पान, वितरण और प्राप्ति के क्या किया जा सकता है। साथ ही इसके लिए पारदर्शिता और सशक्तिकरण पर काम होना चाहिए। यूनिस्को के मुताबिक यह थीम दुनिया के तमाम देशों के लिए महत्व रखती है। यह बदलते संचार तंत्रों की पहचान करती है जो हमारे स्वास्थ्य, मानवअधिकार, लोकतंत्र और संधारणीय विकास पर असर डालते है।

तीन बिंदुओं को रेखांकित कर रहा है यूनिस्को

यूनिस्को इस साल तीन बिंदुओं को रेखांकित कर रहा है। समाचार मीडिया के आर्थिक व्यवहारिकता को सुनिश्चित करना। इंटरनेट कंपनियों के पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए प्रणाली बनाना और मीडिया और जानकारी साक्षरता क्षमताओं को बढ़ाना जो लोगों में मूल्यों की पहचान क्षमता बढ़ाती हैं।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password