World Literacy Day: बुजुर्गों ने तोड़ी उम्र की बंदिशें, 84 से 96 की उम्र में हासिल की डिग्री, पढ़ें साक्षरता दिवस स्पेशल

World Literacy Day 2025: विश्व साक्षरता दिवस 2025 पर जानिए उन बुजुर्गों की प्रेरक कहानियाँ जिन्होंने 84 से लेकर 96 साल की उम्र तक पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की।

World Literacy Day 2025

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World Literacy Day 2025: कहते हैं कि पढ़ाई-लिखाई (Education) की कोई उम्र नहीं होती। यह बात सच साबित की है उन बुजुर्गों ने, जिन्होंने बुढ़ापे (Old Age Motivation) में भी किताबों से दोस्ती निभाई और अधूरी पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की। 8 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस (World Literacy Day 2025) पर हम आपको ऐसे ही प्रेरक किस्से बता रहे हैं, जिन्होंने दुनिया को संदेश दिया है कि सीखने का जुनून कभी कम नहीं होता।

बेटी सैंडिसन: 84 साल में पूरी की डिग्री

अमेरिका के मिनेसोटा (Minnesota) की रहने वाली बेटी सैंडिसन (Betty Sandison) ने 84 साल की उम्र में ग्रेजुएशन (Graduation) की डिग्री हासिल कर सभी को चौंका दिया। 1955 में उन्होंने यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था लेकिन हालातों के कारण पढ़ाई अधूरी रह गई। 2018 में अपनी बेटी की प्रेरणा से उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की और आखिरकार सपना पूरा किया।

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सीआई शिवासुब्रमण्यम: 93 की उम्र में मास्टर्स

तमिलनाडु के सीआई शिवासुब्रमण्यम (CI Sivasubramanian) ने 93 साल की उम्र में इग्नू (IGNOU) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स (Masters Degree) हासिल कर नया इतिहास रच दिया। 1940 में स्कूली पढ़ाई पूरी करने वाले शिवासुब्रमण्यम 58 की उम्र में वाणिज्य मंत्रालय से रिटायर हुए थे। लेकिन उन्होंने पढ़ाई के प्रति जुनून कभी खत्म नहीं होने दिया।

जोआन डोनोवन: जिंदगी के आखिरी समय में सपना किया पूरा

अमेरिका की जोआन डोनोवन (Joan Donovan) को जब डॉक्टर्स ने बताया कि उनके पास ज्यादा वक्त नहीं है, तो उन्होंने अपना सबसे बड़ा सपना पूरा करने का निर्णय लिया। 80 साल की उम्र में उन्होंने साउथ न्यू हैम्पशायर यूनिवर्सिटी (South New Hampshire University) से ऑनलाइन इंग्लिश और क्रिएटिव राइटिंग में डिग्री हासिल की।

हरींद्रकुमार वीआर: बेटे के साथ की पढ़ाई

केरल के हरींद्रकुमार वीआर (Hareendrakumar VR) की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पढ़ाई बीच में छूट गई थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 62 की उम्र में उन्होंने एमबीए (MBA) और बाद में पीएचडी (PhD) पूरी की। खास बात यह है कि उन्होंने अपने बेटे अमल जिष्णु के साथ ही एमबीए पूरा किया।

ग्युसेप पैटर्नो: 96 की उम्र में बने इटली के सबसे बुजुर्ग ग्रेजुएट

इटली (Italy) के ग्युसेप पैटर्नो (Giuseppe Paterno) गरीबी, युद्ध और महामारी का सामना कर चुके हैं। लेकिन उनका हौसला कभी नहीं टूटा। 96 साल की उम्र में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पालेर्मो (University of Palermo) से इतिहास और दर्शन शास्त्र में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के दौरान उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा देकर यह सपना पूरा किया।

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प्रेरणा की कहानियाँ, संदेश सबके लिए

इन सभी प्रेरक कहानियों से यह संदेश मिलता है कि शिक्षा (Education Motivation) के लिए कोई उम्र तय नहीं है। अगर जुनून और हिम्मत हो, तो जिंदगी के आखिरी पड़ाव में भी सपने पूरे किए जा सकते हैं। ये बुजुर्ग हमें सिखाते हैं कि सीखना कभी बंद नहीं होना चाहिए।

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