Earth Day 2025: छत्‍तीसगढ़ के इस छोटे से सरकारी स्‍कूल ने शुरू की चमत्‍कारी पहल, पेड़ खुद बताते हैं अपना गुण और फायदा

World Earth Day 2025: यहां अब पेड़ खुद अपनी कहानी सुनाएंगे जी हां, पेड़ों पर लगाए गए QR कोड को बस मोबाइल से Google Lens से स्कैन कीजिए, और मिल जाएगी उनके नाम से लेकर औषधीय गुण, पोषण, और देखभाल से जुड़ी पूरी जानकारी।

World Earth Day 2025

World Earth Day 2025

World Earth Day 2025: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक के धारमपुर संहर गांव के एक सरकारी स्कूल ने पर्यावरण को लेकर एक जबरदस्त पहल की है। यहां अब पेड़ खुद अपनी कहानी सुनाएंगे (World Earth Day 2025) जी हां, पेड़ों पर लगाए गए QR कोड को बस मोबाइल से Google Lens से स्कैन कीजिए, और मिल जाएगी उनके नाम से लेकर औषधीय गुण, पोषण, और देखभाल से जुड़ी पूरी जानकारी।

स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका रिंकल बग्गा का यह अनोखा आइडिया (World Earth Day 2025) है, जिन्होंने तीन साल पहले आइडिया सुझाया और उस पर काम भी शुरू कर दिया। इस आइडिया में पेड़ को भी बोलने का मौका मिले, इस पर काम शुरू किया। और जैसे ही मिशन LiFE की थीम का ऐलान हुआ, उन्होंने इसे स्कूल में लागू कर दिया। अब कई स्कूल इस मॉडल को फॉलो कर रहे हैं।

CG World Earth Day 2025

30 अप्रैल तक मनाया जाएगा पृथ्‍वी दिवस

पूरे छत्तीसगढ़ में सरकारी, प्राइवेट और अनुदान प्राप्त स्कूलों में 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक पृथ्‍वी दिवस (World Earth Day 2025) बड़े ही खास अंदाज में मनाया जाएगा। इस बार थीम है – स्कूल कैंपस और आसपास के पौधों पर QR कोड लगाना। सभी स्कूलों को अपनी एक्टिविटी Eco Club पोर्टल पर डालनी होगी।

बच्चों ने बनाए 15 पौधों के लिए QR कोड

अब तक स्कूल में 15 अलग-अलग पौधों पर QR कोड लग चुके हैं। सहायक शिक्षक जनक राम ध्रुव बताते हैं कि बच्चे और उनके माता-पिता भी इस पहल को लेकर काफी एक्साइटेड (World Earth Day 2025) हैं। बच्चे मोबाइल से कोड स्कैन करके पेड़ों के बारे में जानकारी ले रहे हैं – इससे पढ़ाई भी मजेदार हो रही है और पेड़ों से जुड़ाव भी बढ़ रहा है।

CG Mahasamund World Earth Day 2025

अब गांव में हर कोई बनेगा ग्रीन हीरो

प्रधानाध्यापिका बग्गा का अगला टारगेट है कि गांव के लोगों को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाए, ताकि वो भी पौधों की खासियत जानें और पर्यावरण (World Earth Day 2025) को बचाने में अपना रोल निभाएं। उन्‍होंने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से हर स्कूल को ट्रेनिंग वीडियो और गाइडलाइंस भेजी गई हैं कि कैसे QR कोड बनाना है और कैसे उन्हें पौधों पर लगाना है। हर स्कूल में एक Eco Club नोडल अधिकारी और स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव होना जरूरी है। साथ ही स्कूल को हर एक्टिविटी की फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

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पृथ्‍वी दिवस पर क्‍या रहेगा दिलचस्‍प

इस बार सिर्फ कोड लगाना ही नहीं, बल्कि कई और दिलचस्प एक्टिविटीज़ भी होंगी, जैसे-

माँ के नाम एक पेड़ लगाना

बीज बॉल बनाकर बोना और गर्मियों में पौधों को पानी देना

बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।

गांव और स्कूल में स्वच्छता अभियान

जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन

प्लास्टिक साक्षरता और कचरा प्रबंधन

पोषण उद्यान बनाना और बच्चों को सिखाना कि अपने खाने में हरियाली कैसे बढ़ाएं

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