गजब का IQ: 5वीं का छात्र देगा 10वीं की परीक्षा, विदेश में रहने वाले बच्चों को भी देता है कोचिंग



गजब का IQ: 5वीं का छात्र देगा 10वीं की परीक्षा, विदेश में रहने वाले बच्चों को भी देता है कोचिंग

Livjot Singh Arora

रायपुर। कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है छत्तीसगढ़ के रहने वाले 11 साल के लिवजोत सिंह अरोरा (Livjot Singh Arora) ने। लिवजोत इस बार छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अप्रैल में होने वाली 10वीं बोर्ड परीक्षा में इतिहास रचने जा रहे हैं। दरअसल, लिवजोत दुर्ग के माइल्डस्टोन स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ते हैं। लेकिन उनका IQ लेवल इतना तेज है कि उन्हें शिक्षा मंडल ने इस बार 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने की इजाजत दे दी है।

IQ लेवल 16 साल के बराबर
बतादें कि पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले लिवजोत का दिमाग अपने उम्र के हिसाब से काफी तेज है। इसे देखते हुए उनके पिता गुरविंदर सिंह अरेरा ने पिछले साल ही माध्यमिक शिक्षा मंडल से ये गुजारिश की थी कि उनके बेटे को 10वीं की परीक्षा में बैठने दिया जाए। जिसके बाद माशिमं ने छात्र का शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में IQ टेस्ट करवाया। टेस्ट में छात्र का IQ लेवल 16 साल के उम्र के बराबर पाया गया। रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा मंडल ने फैसला किया कि लिवजोत को 10वीं की परीक्षा में बैठने दिया जाएगा। बतादें कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहला मामला है जब कोई 12 वर्ष से कम उम्र का विद्यार्थी 10वीं बोर्ड की परीक्षा में बैठेगा।

पहले भी एक मामले में दी गई थी अनुमती
इससे पहले साल 2013 में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने एक छात्र को 10वीं की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी। जिसकी उम्र 12 वर्ष 9 महीने थी। यानी इस हिसाब से देखें तो लिवजोत सिंह अरोरा छत्तीसगढ़ का पहला छात्र होगा जो 12 वर्ष से कम उम्र में 10 वीं बोर्ड की परीक्षा देगा।

पिता ने पूरे मामले पर क्या कहा
बंसल न्यूज ने जब इस पूरे मामले पर लिवजोत के पिता गुरविंदर सिंह अरोरा से बात कि तो उन्होंने कहा, हम कई बार ये सुनते थे कि दूसरे राज्यों में 9 साल या 10 साल का छात्र दसवीं की परीक्षा दे रहा है। हमने उसी समय सोचा छत्तीसगढ़ में ये क्यों नहीं हो सकता। मैंने अपने बेटे को देखा, वो भी इस काबिल था कि 10 वीं बोर्ड की परीक्षा दे सकता था। मैनें तय कर लिया कि लिवजोत भी कम उम्र में ही परीक्षा देगा। इसके लिए मैंने उसे कैसे पढ़ना है, क्या-क्या पढ़ना है और कितना देर पढ़ना है। इसका पूरा ख्याल रखा। लिवजोत ने भी उसी अनुसार अभ्यास किया। जब हमें अभास हो गया कि अब वह पूरी तरीके से परीक्षा में बैठने के लिए तैयार है तो फिर हमने माशिमं में अप्लाई कर दिया।

चेस की देता है कोचिंग
लिवजोत भी परीक्षा देने को लेकर काफी उत्सुक है। उसने अब तक 90 फीसद सिलेबस को कवर कर लिया है। जब उससे पूछा गया कि आपको कौन सा विषय सबसे ज्यादा पसंद है तो उसने कहा कि मुझे मैथ्स और साइंस काफी पसंद है। मैं आगे जाकर साइंटिस्ट बनना चाहता हूं। वहीं उनकी मां ने बताया कि लिवजोत सिर्फ पढ़ाई को लेकर ही उत्सुक नहीं है। वो चेस भी अच्छा खेलता है। इसके साथ ही वो लंदन और दुबई में रहने वाले बच्चों को चेस की कोचिंग भी देता है।

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