मंदिर गई महिला से सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या, विपक्ष ने सरकार को घेरा

बदायूं/लखनऊ (उप्र), छह जनवरी (भाषा) बदायूं जिले में मंदिर में पूजा करने गयी एक आंगनबाड़ी सहायिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में मंदिर के महंत समेत तीन लोगों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

विपक्षी दलों ने इस घटना को ‘निर्भया कांड’ से जोड़ते हुए प्रदेश सरकार को घेरा है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय अपर पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी है।

बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बुधवार को बताया कि गत रविवार को उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में मंदिर गयी 50 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन ने मंदिर के महंत सत्य नारायण और उसके दो साथियों पर बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया है। इस आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनमें से वेद राम और जसपाल को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि आरोपी महंत फरार है। उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की चार टीम गठित की गई है।

इस बीच, सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने लखनऊ में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदायूं की वारदात को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय अपर पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट तलब की है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर मामले की जांच में स्पेशल टास्क फोर्स की भी मदद ली जाए, साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने पर वहां के थाना प्रभारी को निलम्बित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला से बलात्कार की पुष्टि हुई है और उसके गुप्तांग में चोट तथा पैर में फ्रैक्चर पाए गए हैं।

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर यशपाल सिंह का कहना है कि महिला की मौत सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से हुई है।

घटना को निर्भया कांड जैसा बताया जा रहा है। इस बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर मेडिकल विशेषज्ञों से राय ली जा रही है, उससे पहले इसे किसी भी घटना से जोड़ना गलत होगा।

इस बीच, यह मुद्दा राजनीतिक रंग लेने लगा है। प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इस घटना पर सरकार को घेरते हुए एक ट्वीट में कहा, ‘यूपी के बदायूं में पूजा करने गई 50 वर्षीय आंगनवाड़ी सहायिका के साथ सामूहिक बलात्कार और फिर उसके बाद उसकी निर्मम हत्या ने संपूर्ण मानवता को शर्मसार कर दिया है।’

पार्टी ने ट्वीट में कहा, ‘ डूब मरें सत्ताधीश, जो महिला सुरक्षा के सिर्फ झूठे दावे करते हैं। दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिला कर न्याय किया जाए।’

बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी इस घटना की निंदा करते हुए एक ट्वीट में कहा, ‘उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक महिला के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म व हत्या की घटना अति दुःखद व अति निन्दनीय है। राज्य सरकार इस घटना को गंभीरता से ले व दोषियों को सख्त सजा दिलाना भी सुनिश्चित करे ताकि ऐसी घटना की पुनरावृति न हो।’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने इस घटना की हाथरस कांड से तुलना करते हुए सरकार को घेरा और ट्वीट किया, ‘हाथरस में सरकारी अमले ने शुरुआत में फरियादी की नहीं सुनी। सरकार ने अफसरों को बचाया और आवाज को दबाया। बदायूं में थानेदार ने फरियादी की नहीं सुनी, घटनास्थल का मुआयना तक नहीं किया।

महिला सुरक्षा पर यूपी सरकार की नियत में खोट है।’

इस बीच, जिलाधिकारी कुमार प्रशांत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने पीड़ित परिवार से उनके गांव जाकर मुलाकात की।

जिलाधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘महिला आंगनवाड़ी सहायिका थी। उसके परिवार को हम हरसंभव मदद देंगे। हम परिवार की सुरक्षा पर ध्यान दे रहे हैं।’’

वारदात की शिकार हुई महिला के बेटे ने बताया कि उसकी मां पिछले रविवार की शाम गांव के ही मंदिर में पूजा करने गई थी। रात करीब 11 बजे मंदिर का महंत दो अन्य लोगों के साथ उसके घर आया और उसकी मां का शव रख दिया।

लड़के के मुताबिक घर के लोग महंत सत्य नारायण और उसके साथ आए लोगों से कुछ पूछ पाते, उससे पहले ही वे यह कहकर चले गए कि मन्दिर से घर लौटते समय महिला रास्ते में स्थित एक सूखे कुएं में गिर गई थी। उसकी चीख-पुकार सुनकर उन्होंने उसे कुएं से बाहर निकाला और उसे घर लेकर आए हैं।

लड़के का कहना है कि पुलिस को घटना की सूचना सोमवार की सुबह दी गयी थी।

भाषा सं. सलीम नीरज

नीरज

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