MP News: एमपी के आष्टा में ही क्यों बनेगा देश का सबसे बड़ा एथेन क्रैकर प्लांट, जानें ये क्षेत्र क्यों है सबसे मुफीद जगह

MP News: एमपी के आष्टा में ही क्यों बनेगा देश का सबसे बड़ा एथेन क्रैकर प्लांट, जानें ये क्षेत्र क्यों है सबसे मुफीद जगह

MP News: एमपी के आष्टा में ही क्यों बनेगा देश का सबसे बड़ा एथेन क्रैकर प्लांट, जानें ये क्षेत्र क्यों है सबसे मुफीद जगह

 हाइलाइट्स

  • इसलिए आष्टा में बन रहा ये प्लांट
  • देश का सबसे बड़ा प्लांट
  • इतने हजार करोड़ का होगा निवेश

MP News: मध्यप्रदेश के आष्टा में देश का सबसे बड़ा एथेन क्रैकर प्रोजेक्ट शुरू होने वाला है, जो कि एक बड़े निवेश के साथ होगा।

इसके लिए प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने गेल (इंडिया) लिमिटेड को स्वीकृति दे दी है।

बता दें कि इस मंजूरी देते हुए CM मोहन ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय रहवासियों को रोजगार मिलेगा। साथ ही प्रदेश के औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

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इसलिए आष्टा में बन रहा प्लांट

आपको बता दें कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन के पास इतना बड़ा प्रोजेक्ट आने से इस पूरे क्षेत्र के साथ प्रदेश की आर्थिक गति में तेजी आ जाएगी।

प्रोजेक्ट के आने से प्लास्टिक से जुड़े तमाम उद्योग भी विकसित होने लगेंगे। इसके साथ ही सैकड़ों एनसीलिरी भी लगेंगी।

इतना ही नहीं 70 हेक्टेयर की टाउनशिप भी बनेगी।

देश का सबसे बड़ा प्लांट

मध्यप्रदेश (MP News) के सीहोर जिले में देश का सबसे बड़ा एथेन क्रैकर प्लांट (पेट्रोकेमिकल) लगने वाला है।

जो कि देश का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। यह प्लांट इस समय 80% देशों में उपयोग हो रही एथेन टेक्नोलॉजी पर काम करेगा।

इसके साथ ही एथेन अमेरिका से आयात होगी। महाराष्ट्र से पाइपलाइन से होकर आष्टा के प्लांट पहुंचेंगी।

इतने हजार करोड़ का होगा निवेश

CM मोहन यादव ने इस परियोजना को मंजूरी देते हुए जरूरी जमीन को अधिग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आष्टा तहसील में ये परिसर लगभग 60,000 करोड़ के निवेश से बनकर तैयार होगा। यह परियोजना देश की सबसे बड़ी एथेन क्रैकर परियोजना होगी।

क्या है खासियत?

इस परियोजना में ग्रीन फील्ड पेट्रोकेमिकल परिसर भी प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत LLDPE, HDPE, MEG और प्रोपीलीन जैसे पेट्रोकेमिकल्स का उत्पादन किया जाएगा।

इसके साथ ही इस परियोजना से निर्माण के समय 15,000 व्यक्तियों और जब ये परियोजना बनकर तैयारने के बाद संचालन के समय लगभग 5,600 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इस परियोजना में 70 हेक्टेयर का टाउनशिप भी प्रस्तावित हैं।

इस महीने में किया जाएगा भूमिपूजन

देश की सबसे बड़ी परियोजना का भूमिपूजन आने वाले साल के फरवरी महीने में होने की संभावना है। वहीं, वाणिज्यिक उत्पादन साल 2030-31 में प्रारंभ होने की संभावना है।

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