Assembly Elections: महाराष्ट्र और झारखंड में क्यों नहीं हुआ विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, जानें क्या है बड़ी वजह

Assembly Elections: महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान क्यों नहीं हुआ। जानें बड़ी वजह क्या है।

Why were assembly elections dates not announced in Maharashtra and Jharkhand

Assembly Elections: चुनाव आयोग ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी। काउंटिंग 4 अक्टूबर को होगी। जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 3 चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। काउंटिंग 4 अक्टूबर को होगी। महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। आखिर इसकी वजह क्या है।

महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव की घोषणा क्यों नहीं ?

पिछली बार महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे। इस बार महाराष्ट्र की चुनाव तारीखों का ऐलान नहीं किया गया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि पिछली बार महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव एक साथ हुए थे। तब जम्मू-कश्मीर कोई फैक्टर नहीं था। इस साल चार चुनाव होने हैं और एक चुनाव ठीक अगले साल की शुरुआत में है। फोर्स की जरूरत के हिसाब से दो चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं और दो राज्य महाराष्ट्र और झारखंड के चुनाव की घोषणा बाद में की जाएगी।

एक वजह ये भी

चुनाव आयुक्त ने कहा कि दूसरा फैक्टर ये भी है कि महाराष्ट्र में हाल ही में काफी बारिश हुई है और एक साथ कई त्योहार हैं। जिसको शेड्यूल करना बाकी है। गणेश उत्सव, पितृ पक्ष, नवरात्रि और फिर दिवाली का त्योहार है। ऐसे में दो राज्य महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव की तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा।

हरियाणा में एक अक्टूबर को वोटिंग

हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर एक अक्टूबर को वोटिंग होगी। 4 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 5 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। 12 सितंबर तक नामांकन दाखिल होंगे। नाम वापसी की आखिरी तारीख 16 सितंबर होगी।

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जम्मू-कश्मीर में कब हैं चुनाव

जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच 3 चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। काउंटिंग 4 अक्टूबर को होगी। 2019 में धारा 370 हटने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव होंगे। जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों में 42.6 लाख महिलाओं सहित 87.09 लाख मतदाता हैं। वोटिंग के लिए 11 हजार 838 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

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