Rakshabandhan 2022 : राखी में क्यों लगाई जाती है तीन गांठे, जानिए क्या है इसका रहस्य

Rakshabandhan 2022 : राखी में क्यों लगाई जाती है तीन गांठे, जानिए क्या है इसका रहस्य

Rakshabandhan 2022 : भारत में कई त्योहार मनाए जाते है। एक त्योहार भाई-बहन के रिश्तों का भी होता है, जिसे हम रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) कहते है। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती है। वहीं, भाई बहन की रक्षा करने वचन देता है। रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) का त्योहार तो सभी मनाते है और उसके महत्व के बारे में जानते हैै, कुछ रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) पर कुछ ऐसी बाते भी है जिनके बारे में कम लोगों को ही पता है।

क्यों बांधी जाती है तीन गांठे?

रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है। जब बहने राखी बंधती है तो गांठ बांधते समय तीन गांठे बांधती है। लेकिन ये तीन गांठे क्यों बांधी जाती है। इसके पीछे का करण है। दरअसल, तीन गांठे बांधने का संबंध भगवान से जुड़ा है। गांठ बांधने का धार्मिक महत्व है। तीन गांठ यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश। कलाई पर बांधी जाने वाली हर गांठ भगवान को समर्पित होती है। हिंदू धर्म में तीन गांठों को शुभ माना जाता है।

भाई-बहनों से भी है खास सबंध

तीन गांठों का संबंध भाई और बहन से भी है। पहली गांठ भाई की लंबी आयु के लिए, दूसरी गांठ बहन की लंबी आयु के लिए, तीसरी गांठ भाई-बहन के रिश्ते में मिठास लाने और सुरक्षा के लिए बांधी जाती है। बता दें कि रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है, लेकिन इस साल रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा।

कब बांधे भाई को राखी

शास्त्रों में भद्राकाल में रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2022) मनाना निषेध है। ऐसे में रात 8ः50 के बाद ही राखी बांधना शुभ रहेगा। हिंदू मान्यताओं की माने तो सूर्यास्त के बाद राखी बांधना वर्जित है। जिसके चलते 12 अगस्त को राखी का त्योहार शुभ माना जा रहा है।

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