एक बार ऑनलाइन सर्च के बाद सभी वेबसाइटों पर एक ही विज्ञापन क्यों दिखाई देते हैं? जानिए इसके पीछे के रोचक तथ्य

एक बार ऑनलाइन सर्च के बाद सभी वेबसाइटों पर एक ही विज्ञापन क्यों दिखाई देते हैं? जानिए इसके पीछे के रोचक तथ्य Why do the same ads appear on all websites after a one-time online search? Know the interesting facts behind it nkp

एक बार ऑनलाइन सर्च के बाद सभी वेबसाइटों पर एक ही विज्ञापन क्यों दिखाई देते हैं? जानिए इसके पीछे के रोचक तथ्य

नई दिल्ली। आपने कभी इस चीज पर गौर किया है कि जब भी आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और कोई एक चीज खरीदने का मन बनाते हैं, तो उस सामान का विज्ञापन आपको इंटरनेट पर बार-बार दिखता है। जैसे मान लीजिए आपको एक मोबाइल खरीदना है और आपने एक दो बार ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर कुछ मोबाइल के बारे में सर्च किया है। ऐसे में जब भी आप इंटरनेट पर जाते हैं तो आपको हर तरफ मोबाइल फोन के विज्ञापन ही देखते हैं। लेकिन कभी सोचा है कि आखिर ये कैसे होता है? चलिए जानते हैं।

कैसे पता चलता है कि क्या खरीदना है?

आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर हर वेबसाइट को कैसे पता चल जाता है कि आपको क्या खरीदने हैं। दरअसल, इसके पीछे कुछ टेक्निकल वजह है। जिससे हर वेबसाइट पर आपको एक ही प्रोडक्ट के विज्ञापन दिखने लग जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है इंटरनेट कुकीज। जैसे ही आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं और कुछ एक्टिविटी करते हैं तो आपके ब्राउजर पर कुकीज सेव कर देती है।

कुकीज क्या है?

अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा, आखिर ये कुकीज क्या है? बता दें कि कुकीज एक बहुत छोटा सा प्रोग्राम होता है, जिसकी मदद से वेबसाइट आपको एक खास यूजर के रूप में याद रखती है। यह काम हर एक वेबसाइट करती है और आपका मूड पता कर लेती है। आपने गौर किया होगा कि जब भी आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो आपसे कुकीज की परमिशन मांगी जाती है। जल्दबाजी के चक्कर में आप हां कर देते हैं। इससे होता ये है कि आपकी कुकीज के जरिए आपकी हिस्ट्री सेव हो जाती है और एड कंपनियां आपको आसानी से ट्रैक कर लेती हैं।

एक डेटा तैयार हो जाता है

क्योंकि जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो आप कहां-कहां क्लिक करते हैं, कितनी देर रहते हैं और किस तरह के खास लिंक पर क्लिक कर रहे हैं, उसका डेटा तैयार हो जाता है। उसे डेटा के आधार पर आपको कंटेंट दिया जाता है। आपकी सभी एक्टिविटी याद रखी जाती है और इससे एड स्पेस में आपकी एक्टिविटी के हिसाब से ही विज्ञापन दिखना शुरू हो जाता है। वहीं अगर और कोई कंटेंट है तो आपको पिछले सर्च के आधार पर ही कंटेंट मिलने लगता है।

सभी वेबसाइट्स एक दूसरे से कुकीज शेयर करती हैं

खास बात यह है कि ऑनलाइन वर्ल्ड में सभी वेबसाइट्स आपस में जुड़ी होती हैं और एक दूसरे से आपकी कुकीज शेयर करती है। साफ है कि इससे आपकी पसंद ना पसंद का पता दूसरी वेबसाइट को भी चल जाता है। कई कंपनियों पर आरोप लगते रहे हैं कि आपकी बातचीत को भी वे रिकॉर्ड करते हैं।

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