किन्नरों की शव यात्रा, क्यों मारे जाते है शव को जूते-चप्पल? जानिए रहस्य

किन्नरों की शव यात्रा, क्यों मारे जाते है शव को जूते-चप्पल? जानिए रहस्य Why are the Kinner death rituals Why is the dead body beaten with footwear vkj

किन्नरों की शव यात्रा, क्यों मारे जाते है शव को जूते-चप्पल? जानिए रहस्य

Kinner Death Rules : मान्यता है कि किन्नरों (Kinner Death Rules) की दुआएं बड़ी काम की होती है। जब भी कोई शुभ काम जैसे त्यौहार, शादी, या बच्चे के जन्म पर किन्नर जरूर पहुंचते है और अपना आशीर्वाद देते है। इस दौरान जमकर बधाईयां गाते है और नाचते है। वही लोग उनकी मांगों को भी पूरा करते है। कुछ लोग तो किन्नरों (Kinner Death Rules) को भगा भी देते हैं। हमारे सामज में किन्नरों को थर्डजेंडर (Kinner Death Rules) का दर्जा दिया गया है। लेकिन किन्नरों से जुड़ी कुछ ऐसी बाते है जो कम ही लोग जानते है।

किन्नरों को हो जाता है मौत का आभास!

किन्नरों का रहन-सहन उनका अंतिम संस्कार आम आदमी से बिल्कुल अलग होता है। कहा जाता है कि किन्नरों (Kinner Death Rules) के पास ऐसी आध्यात्मिक शक्तियां होती है कि उन्हें मौत आने का आभास हो जाता है। उन्हें पता चल जाता है कि उनकी मौत करीब हैं। मौत से पहले किन्नर बाहर जाना बंद कर देते है और अन्न भी त्याग देते है। केवल पानी का ही सेवन करते है। किन्नर (Kinner Death Rules) मौत से पहले अपने ईष्ट देवता से दुआ करते है कि उन्हें अगले जन्म में भी किन्नर बनाएं।

रात में निकली है शव यात्रा?

किन्नर (Kinner Death Rules) चाहे मुस्लिम हो या हिंदू किन्नरों के शव को जलाया नहीं जाता है बल्कि उन्हें दफनाया जाता है। उनके शव को सफेद कपड़े में लपेटा जाता है। शव को किसी भी चीज से बांधा नहीं जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि दिवंगत की आत्मा आजाद हो सके। इसके अलावा माना जाता है कि अगर मृत किन्नर (Kinner Death Rules) के शरीर को किसी आम जन ने देख लिया तो वो दिवंगत किन्नर अगले जन्म में भी किन्‍नर ही बनेगा। यही वजह है कि इनके अंतिम संस्कार के सभी रिवाज देर रात में पूरे किए जाते हैं।

जूते-चप्पलों से पीटा जाता है शव!

किन्नर समुदाय के लोग शव यात्रा निकालने से पहले शव (Kinner Death Rules) को जूते-चप्‍पलों से पीटते हैं ताकि दिवंगत किन्‍नर (Kinner Death Rules) को दोबारा इस योनी में जन्‍म न मिले। सभी किन्‍नर (Kinner Death Rules) शव के पास खड़े होकर उसकी मुक्ति के लिए अपने आराध्‍य देव को धन्‍यवाद देते हैं। इसके अलावा दान-पुण्‍य किया जाता है। किन्‍नर (Kinner Death Rules) समाज में किसी की मौत होने पर जश्‍न मनाने का रिवाज है। यह किन्‍नर (Kinner Death Rules) रूपी नर्क जीवन से मुक्ति मिलने के लिए किया जाता है। इसके अलावा अंतिम संस्‍कार के बाद किन्‍नर (Kinner Death Rules) समुदाय एक हफ्ते तक भूखा ही रहता है।

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