कौन हैं टीचर से CM बने प्रेम सिंह तमांग: मंत्री नहीं बनाने पर बनाया अलग दल; जानें क्या है पार्टी का नाम

Who is Sikkim CM: सिक्किम में प्रेम सिंग तमांग की पार्टी एसकेएम ने 31 सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है।

कौन हैं टीचर से CM बने प्रेम सिंह तमांग: मंत्री नहीं बनाने पर बनाया अलग दल; जानें क्या है पार्टी का नाम

Who is Sikkim CM: अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव 2024 (Who is Sikkim CM) के नतीजों को घोषित कर दिया गया है। सिक्किम की जनता ने क्षेत्रीय दल एसकेएम पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य की कमान सौंप दी, दूसरी तरफ अरुणाचल में एक बार फिर पेमा खांडु के की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनने का दावा ठोक दिया है।

सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2024 (Who is Sikkim CM) में प्रचंड बहुमत प्राप्त किया है। 32 विधानसभा सीटों वाले सिक्किम में एसकेएम पार्टी ने 31 सीटों जीत दर्ज की है। ऐसे में एसकेएम की इस जीत का श्रेय सीएम प्रेम सिंह तमांग को जाता है। एसकेएम प्रमुख तमांग पहली बार 2019 में मुख्यमंत्री बने थे। तब उनकी पार्टी ने सिक्किम विधानसभा में 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस खाता तक नहीं खोल सकी।

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पवन कुमार चामलिंग की सरकार में 3 बार बने मंत्री

सिक्किम के सीएम प्रेम सिंह तमांग (Who is Sikkim CM) का जन्म 5 फरवरी 1968 को हुआ था। तमांग ने बंगाल के दार्जिलिंग के कॉलेज से बी.ए किया था। बीए करने के बाद वह एक सरकारी स्कूल में टीचर बन गए थे। तमांग ने पहली बार 1994 में विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसके बाद वह लगातार सिक्किम विधानसभा के लिए चुने जा रहे हैं।

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सीएम तमांग 2004 से 2009 तक सिक्किम (Who is Sikkim CM) की एसडीएफ सरकार में मंत्री पद पर भी रहे हैं। जबकि 2009 के चुनाव में सिक्किम के मुख्यमंत्री ने पवन कुमार चामलिंग ने तमांग को कैबिनिट में मंत्री पद देने से मना कर दिया था। इसके बाद तमांग ने एसडीएफ पार्टी से अलग होकर खुद की एसकेएम नाम से एक नए दल का गठन किया था।

2016 में जाना पड़ा था जेल

प्रेम सिंह तमांग (Who is Sikkim CM) को 2016 में एक सरकारी फंड की हेरफेरी के आरोप में जेल जाना पड़ा था। जेल जाने के कारण उन्हें अपनी विधायकी भी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद तमांग ने MP/MLA कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी लेकिन हाईकोर्ट ने भी लोअर कोर्ट का फैसला कायम रखा।

इसके बाद 2018 में तमांग को सरकारी फंड की हेराफेरी के आरोप में जमानत मिली और पूरे प्रदेश में एसडीएम सरकार के खिलाफ उन्होंने अभियान चलाया था। एसडीएम पार्टी के खिलाफ अभियान चलाने का फायदा एसकेएम पार्टी को 2019 के विधानसभा चुनाव में मिला था और उनकी पार्टी ने 17 सीटें जीतकर सिक्किम में पहली बार सरकार बना ली थी। तमांग ने 24 साल 165 दिन लगातार सीएम रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले पवन कुमार चामलिंग को भी हरा दिया था।

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